समझदारी से खरीदें हरी सब्जियां

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सर्दियां आ गई हैं, इसके साथ ही मार्केट में हरी और रंग-बिरंगी सब्जियों की भी भरमार हो गई है। गाज़र, मटर, पालक, मैथी, सरसों, हरी प्याज, फूल गोभी, पत्ता गोभी सब कुछ देखकर जी ललचा जाता है। सब्जियां भरपूर खाएं, खूब खाएं और अपनी इम्युनिटी को सर्दियों के रोगों से लड़ने के लिये मज़बूत बनाएं लेकिन जब सब्ज़ी खरीदने जाएं तो थोड़ी समझदारी भी ज़रूरी है।

मटर

 

मटर की खरीदारी सिर्फ गहरे रंग को देखकर नहीं करें। हरी मटर पौष्टिक गुणों से भरपूर हो इसके लिए मीठी, नरम हरी मटर खााएं। उम्दा हरी मटर वही जिसकी फलियां थोड़ी नरम, मुलायम हो और उनका रंग सुनहरा हरा हो।

प्याज

इस सीज़न में हरी प्याज़ यानी स्प्रिंग ऑनियन सब्ज़ी मार्केट में खूब दिख रही हैं। सूखा प्याज तो एक ऐसी सब्जी है जिसे एक महीने तक स्टोर किया जा सकता है।  लहसुन की तरह प्याज भी एकदम सख्त, सूखे व ऊपरी छिलका थोड़ा चिकना होना चाहिए।

धनिया पत्ती व मेथी

हरे पत्ते वाली सब्जी सिर्फ उसके हरे रंग के आधार पर नहीं खरीदें। प्राथमिकता रहे कि पत्तियां मुलायम  हों। सड़ी व मुरझाई हुई पत्तियों से महक नहीं आएगी। बहुत गीली गड्डियां भी न लें, क्योंकि इनमें काफी पानी रहेगा और ये जल्दी गल जाएंगी। इन्हें  हमेशा कागज में लपेटकर रखें।

पत्तागोभी व फूलगोभी

गोभी की खरीदारी में पैनी नजर न होने पर गोभी में शुमार बारीक कीडे आपकी सब्जी में पक जाएंगे। गोभी पत्तागोभी हो या फूल गोभी। दोनों ही छोटी, गठी और गोल होनी चाहिए। ध्यान रहे कि गोभी में बारीक छिद्र न हों। छिद्र का मतलब है कीडे।

पालक

पालक की लंबाई छोटी होनी चाहिए। पालक की गठठी की प्रत्येक पत्ती साफ व गहरे हरे रंग की होनी चाहिए। प्रत्येक पत्ती में किसी भी प्रकार का छेद नहीं होना चाहिए।

चुकंदर

असल में चुकंदर की खरीदारी उसके गहरे रंग  व पतली बैंगनी परत को देखते हुए करें। साथ ही ध्यान रखें कि चुकंदर की पतली बैंगनी ऊपरी परत कटी-फटी हुई न हो।

नींबू

रसदार नीबू के लिए उसका आकार में बडा, चिकना व पतले छिलका होना नितांत आवश्यक है।

टमाटर

टमाटर के बिना किस प्रत्येक टमाटर गोल, मोटा हो। टमाटर सख्त होगा तो ग्रेवी खटटी व कम रसीली बनेगी। सबसे अहम हैो टमाटर पिलपिले न हों।

मशरूम

बाजार में मिलने वाले मशरूम  के पैकेट को यूंही नहीं खरीदें। ध्यान से देखिए मशरूम सखत न हो, नरम हों। इसके अलावा मशरूम एक जैसे हों, सभी चिकनें हों और सभी साफ-सथरे भी हों।

 फलियां

फली चाहे लोबिया की हो या ग्वार की। हमेशा फली हरी-हरी कच्ची फलियां लें। हाथ लगाकर स्पर्श करें। अगर उनमें बीजों की गोलाई महसूस हो तो न लें। बीजों वाली फलियां बेस्वाद बनती हैं।

भिंडी

छोटी-छोटी लंबाई वाली भिंडी खरीदें। बहुत अधिक हरी भिंडी न खरीदें। बहुत ज्यादा हरा रंग केमिकल द्वार किया भी हो सकता है। भिंडी कहीं से कटी-फटी या दाग वाली नहीं होनी चाहिए।

तुरई

ऊपर का छिलका बहुत ज्यादा कांटेदार न हो और न ही उन पर काले निशान हों। ज्यादा मोटी भी न लें, क्योंकि फिर उसमें अंदर बहुत बीज व रेशे होंगे।

लौकी

अगली बार लौकी की क्वालिटी अच्छी होगी, तो लौकी को देखकर नाक-मुंह नहीं सिकौडेगा।  लंबाई लिए हुए पतली लौकी का चुनाव करें। जिसका छिलका हलके हरे रंग का हो और थोड़ी चिकनाई लिए हुए हो।

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