सरकार ने MSME के लिए बजट दोगुना, एजुकेशन सेक्टर को 93,224 करोड़ रूपये दिये

sitaraman n

सरकार ने अगले वित्त वर्ष में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों MSME के लिए बजट आवंटन दोगुना कर 15,700 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 का बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। सीतारमण ने कहा, ‘हमने एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन के लिए कई कदम उठाए हैं। इस बजट में हमने क्षेत्र के लिए 15,700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है। यह चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान से दोगुना है।’ वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में वित्त मंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 7,572.20 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। हालांकि, इसका संशोधित अनुमान 5,664.22 करोड़ रुपये ही है।

MSME के लिए बजट को दोगुना किया

2021-22 के आम बजट में में शिक्षा मंत्रालय को 93,224.31 करोड़ रूपये आवंटित किये गये हैं। यह बजट चालू वित्त वर्ष के संशेधित अनुमानों से 8,100 करोड़ रूपये अधिक है । वित्त वर्ष 2020-21 के मूल बजटीय आवंटन में मंत्रालय को 99,311.52 करोड़ रूपये आवंटित किया गया था जो बाद में संशोधित होकर 85,089 करोड़ रूपये हो गया था क्योंकि देश में कोविड-19 महामारी का संकट था और संक्रमण के प्रकोप के कारण कक्षाओं को बंद करना पड़ा था ।

100 नये सैनिक स्कूल बनेंगे

केंद्रीय बजट के अनुसार, स्कूली शिक्षा विभाग को 54,873 करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं जो पिछले बजट में 59,845 करोड़ रूपये थे । यह 4,971 करोड़ रूपये की कमी को दर्शाता है। उच्च शिक्षा विभाग को इस बार 38,350 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है जो पिछले बजट में 39,466.52 करोड़ रूपये रहा था । बजट में स्कूली शिक्षा योजना समग्र शिक्षा अभियान के आवंटन में कमी दर्ज की गई है और इसके लिये 31,050 करोड़ रूपये का अवंटन किया गया है जो पिछले बजट में 38,750 करोड़ रूपये था । लड़कियों के लिये माध्यमिक शिक्षा की राष्ट्रीय प्रोत्साहन योजना के लिये आवंटन महज एक करोड़ रूपये किया गया है जो चालू वित्त वर्ष में 110 करोड़ रूपये था ।

यह भी पढ़ें: बजट सत्र आज से, कृषि कानूनों समेत कई मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने को तैयार, सत्र हंगामेदार रहने के आसार

nirmala sita

MSME के लिए बजट बढ़ाया, शिक्षा क्षेत्र को 93,224 करोड़ रूपये

केंद्रीय विद्यालयों के लिये आवंटन बढ़कर 6,800 करोड़ रूपये तथा नवोदय विद्यालयों के लिये आवंटन 500 करोड़ रूपये बढ़ाकर 3,800 करोड़ रूपये किया गया है। मध्याह्न भोजन योजना का बजट बढ़ाकर 11,500 करोड़ रूपये किया गया है। केंद्र सरकार भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के गठन के प्रस्ताव के क्रियान्वयन के लिये इस वर्ष विधेयक पेश करेगी ।

यह भी पढ़ें:#Budget2021-डिफेंस के लिए 4.78 लाख करोड़, हेल्थ पर खर्च दोगुना से अधिक, नया कृषि सैस लगाया

भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग गठित करने का ज़िक्र

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केन्द्रीय बजट 2021-22 पेश करते हुए कहा, ‘ बजट 2019-20 में मैंने भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग गठित करने के बारे में उल्लेख किया था । हम उसे क्रियान्वित करने के लिये इस वर्ष विधान पेश करेंगे । यह एक शीर्ष निकाय होगा जिसमें मानक बनाने, प्रत्यायन एवं मान्यता, विनियमन एवं वित्त पोषण के लिये चार अलग-अलग घटक होंगे । ‘ सीतारमण ने कहा कि हमारे कई शहरों में विभिन्न अनुसंधान संस्थान, विश्वविद्यालय और कॉलेज हैं जो सरकार के समर्थन से चलते हैं। उदाहरण के लिये हैदराबाद, जहां तकरीबन 40 मुख्य संस्थान हैं। इसी तरह 9 अन्य शहरों में हम इसी तरह का एक समग्र ढांचा खड़ा करेंगे जिससे इन संस्थानों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें, साथ ही इनकी स्वायत्ता बरकरार रह सके। उन्होंने कहा कि इसके लिये एक विशिष्ट अनुदान की शुरुआत की जाएगी।

MSME के लिए बजट बढ़ा, शिक्षा क्षेत्र पर भी फोकस

nirmala

वित्त मंत्री ने कहा कि देश के 15,000 से अधिक स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी पक्षों को शामिल करेंगे जिससे देश में शिक्षा की गुणवता को मजबूत किया जा सके और वे अपने क्षेत्र के लिए बेहतर स्कूल के उदाहरण के रुप में उभर सकें । सीतारमण ने कहा कि 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना एनजीओ/निजी स्कूलों/राज्यों के साथ साझेदारी में की जाएगी। उन्होंने लद्दाख में उच्च शिक्षा तक पहुंच के लिये लेह में एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय के गठन का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने कहा कि हमने जनजाति क्षेत्रों में 750 एकलव्य मॉडल आवसीय स्कूलों की स्थापना का लक्ष्य रखा है ।

उन्होंने कहा, ‘ मेरा प्रस्ताव ऐसे स्कूलों की इकाई लागत को 20 करोड़ रूपये से बढ़ाकर 38 करोड़ रूपये करने का है । और पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिये इसे बढ़ाकर 48 करोड़ रूपये करने का प्रस्ताव है।’