आज का पंचाग 26 Feb 2021, मनी और बेस्ट लाइफस्टाइल से लबरेज़ होता है Friday

Friday के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें । शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए । Friday के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।


Friday is the most auspicious day to devote Goddess Maha Lakshmi as well as you can devote Lord Kuber (Rules the Riches and Controls the North East Direction. Deity : Goddess Mahalakshmi and Lord Kuber

Friday की डिटेल इंफो

  • विक्रम संवत् 2077 – शर्वरी संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • शक संवत – 1942,
  • कलि संवत – 5122
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – सौर वसंत ऋतु
  • मास – माघ माह
  • पक्ष – शुक्ल पक्ष,
  • तिथि – चतुर्दशी, 15ः49 तक तत्पश्चात पूर्णिमा
  • तिथि का स्वामी – चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ और पूर्णिमा तिथि के स्वामी भगवान चंद्र देव ही है।
  • नक्षत्र – कृत्तिका 05ः58
  • नक्षत्र के स्वामी – कृतिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव और स्वामी सूर्य देव जी है।
  • योग – इन्द्र – 04ः33
  • गुलिक काल – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रातरू 7ः30 से 9ः00 तक ।
  • दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही खाकर जाएँ ।
  • राहुकाल – दिन 10ः30 से 12ः00 तक। (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)
  • सूर्योदय – प्रातः 06ः41
  • सूर्यास्त – सायं 18:19
  • अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12-11 से 12-57 तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02.29 से 03.15 चतक
  • नशिथ काल – रात 12.09 से 12.59 तक (27 फरवरी)
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 06.07 से 06.31 तक
  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05.08 से 05.58तक (27 फरवरी)
  • यात्रा शकुन – शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।

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आज का मंत्र, उपाय और पर्व-त्यौहार जानें

आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं सरू शुक्राय नमरू। आज का उपाय-मंदिर में मखाने अर्पित करें। वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं। पर्व व त्यौहार-स्वातंत्र्यवीर सावरकर पुष्पतिथि, हजरत अली जन्मदिवस, पूर्णिमा प्रारंभ दोपहर 03. 49
चतुर्दशी को शहद और अमावस्या को मैथुन त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि क्रूरा एवं उग्रा तिथि मानी जाती है, इस तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं। इसीलिये चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये।