Domestic Shipbuilding- Ship Repair Market पर फोकस, 15 साल में होगा 82 अरब डॉलर का निवेश

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Domestic Shipbuilding- Ship Repair Market पर सरकार का फोकस है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंदरगाह क्षेत्र में 15 वर्ष में 82 अरब डालर का निवेश आकर्षित करने की भारत की योजना का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा कि वैश्विक निवेशकों को भारत को अपना पसंदीदा निवेश स्थल बनाना चाहिये। उन्होंने कहा कि 2035 तक भारत में समुद्री नौवहन क्षेत्र में 82 अरब डालर यानी छह लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। समुद्री नौवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढाया जाएगा, जलमार्गों का विकास होगा, समुद्री विमान सेवायें शुरू होंगी और तटीय क्षेत्रों में प्रकाशस्तंभों को पर्यटन स्थल के तौर पर विकासित किया जायेगा।

Domestic Shipbuilding- Ship Repair Market पर ध्यान

समुद्री नौवहन क्षेत्र पर आयोजित शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुये प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों से कहा कि समुद्री नौवहन क्षेत्र में निवेशकों के लिये 31 अरब डालर की 400 परियेाजनाओं का खाका तैयार हैं। इन परियोजनाओं में निवेश कर निवेशक भारत की आर्थिक विकास यात्रा में भागीदार बन सकते हैं। मोदी ने कहा कि सागरमाला परियोजना के तहत 574 से अधिक परियोजनाओं की पहचान की गई है। इन पर 82 अरब डालर यानी छह लाख करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इन परियोजनाओं पर 2035 तक काम पूरा किया जाना है।

विदेशी निवेशकों को किया आमंत्रित

‘हम बंदरगाह क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करेंगे … भारत की लंबी तटीय रेखा आपकी प्रतीक्षा कर रही है, भारत के मेहनतकश लोग आपकी राह देख रहे हैं। हमारे बंदरगाह में निवेश कीजिये, हमारे लोगों में निवेश करें और भारत को अपना पसंदीदा व्यापार स्थल बनायें। अपने व्यापार और वाणिज्य के लिये भारतीय बंदरगाहों को अपना बंदरगाह बनायें।’

Domestic Shipbuilding – Ship Repair Market पर सरकार का ध्यान

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways) ने निवेश योग्य 400 परियोजनाओं की सूची तैयार की हुई है जिसमें 31 अरब डालर यानी करीब 2.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है। इससे समूचे समुद्री नौवहन क्षेत्र के समग्र विकास की भारत की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। उन्होंने कहा, ‘इस भारतीय समुद्री नौवहन सम्मेलन के जरिये मैं दुनियाभर के निवेशकों को भारत में आमंत्रित करना चाहता हूं, वह भारत आयें और उसकी विकास यात्रा में भागीदार बनें।

समुद्री अर्थव्यवस्था के तौर पर उभर रहा है देश-मोदी

भारत दुनिया की प्रमुख समुद्री अर्थव्यवस्था के तौर पर उभर रहा है। हम इस क्षेत्र में मौजूदा ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाने, नई पीढ़ी की अवसंरचना का सृजन करने और सुधारों की अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने पर खासतौर से ध्यान दे रहे हैं। इन कदमों के जरिये हम अपनी आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को हासिल करने का लक्ष्य कर रहे हैं।’ मोदी ने कहा कि सरकार अगले दस साल में 23 जलमार्गों को परिचालन में लाने पर काम कर रही है। ‘हमारी सरकार जलमार्गों के क्षेत्र में इस तरह से काम कर रही है जैसा पहले कभी नहीं हुआ। घरेलू जलमार्गों को लागत के हिसाब से काफी प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल पाया गया है।’

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Domestic Shipbuilding – Ship Repair Market

उन्होंने कहा कि ढांचागत सुविधाओं के विस्तार, दिशासूचक प्रणाली और नदी सूचना प्रणाली व्यवस्था के जरिये क्षेत्रीय संपर्क बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जायेगा। इससे बांग्लादेश, भूटान और म्यांतार के लिये भी बेहतर आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तटीय सीमा के साथ 189 प्रकाशस्तंभ हैं इनमें से 78 प्रकाशस्तंभ को बड़े पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की योजना है।

प्रकाशस्तंभों के आसपास के इलाके को विकसित करेंगे

‘यह काम मौजूदा प्रकाशस्तंभों के आसपास के इलाके को और विस्तार देकर किया जायेगा। उन्हें बेहतर समुद्री क्षेत्र पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जायेगा। इसके साथ ही सरकार ने टापुओं के भी समग्र विकास की पहल की है।’ प्रकाशस्तंभ का समुद्री नौवहन क्षेत्र में विशेष महत्व होता है। ये प्रकाशस्तंभ समुद्र तट पर स्थित होते हैं और इनसे समुद्री जलपोतों को मार्गदर्शन में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि हम 2030 तक सभी बंदरगाहों में इस्तेमाल होने वाली कुल बिजली में से 60 प्रतिशत से अधिक बिजली नवीनीकरण ऊर्जा से इस्तेमाल में लाने का उद्देश्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।’

Domestic Shipbuilding-Ship Repair Market

मोदी ने कहा कि देश के प्रमुख बंदरगाहों की माल परिवहन क्षमता 2014 के 87 करोड़ टन से बढ़कर 155 करोड़ टन सालाना तक पहुंच गई है। इससे हमारे बंदरगाह अधिक प्रतिस्पर्धी हुये हैं और समग्र अर्थव्यवस्था को इससे बढ़ावा मिला है। मोदी ने इस अवसर पर एक ई- बुक को भी जारी किया। यह ई- बुक मेरीटाइम इंडिया विजन (एमआईवी) 2030 पर जारी की गई है। इसमें विभिन्न बंदरगाह क्षेत्रों में तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश के बारे में बताया गया है और प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष तौर पर 20 लाख रोजगार के सृजन की बात कही गई है।