‘ट्विटर मिनिस्टर’ के 5 विवादास्पद बयान

#fivecontroversialstatementsmadebyShashiTharoor

BY-NIROSHA SINGH

कांग्रेस नेता शशि थरूर एनडीए सरकार पर कई बार हमला कर चुके हैं। एक साल के अंदर उनके  कई ऐसे बयान हैं जो सियासी गलियारे में तूफान मचा चुके हैं। कई बार इन बयानों को लेकर कांग्रेस भी बैकफुट पर नज़र आ चुकी है। थरूर ने देश के प्रधानमंत्री के बारे में बहुत ही शर्मनाक बयान दिया है। उन्होंने मोदी की तुलना बिच्छू से करते हुए कहा है कि ‘शिलविंग पर बैठे बिच्छू की तरह हैं प्रधानमंत्री’।

 

विवाद नंबर 1

मुस्लिमों की तुलना में गायज्यादा सुरक्षित

जुलाई में राजस्थान के अलवर में कथित गौ हत्या को लेकर हुई अकबर खान की मौत के मामले में थरूर ने कुछ ऐसा कह दिया कि भाजपा की त्यौरियां चढ़ गई और कांग्रेस को लीपापोती के लिये सामने आना पड़ा।

अलवर में कथित मॉब लिंचिंग पर थरूर ने कहा,

 ‘पिछले 8 साल में गौहत्या से संबंधित 70 हिंसक घटनाएं हुई हैं, इनमें से 97 फीसदी यानी 70 में से 68 घटनाएं बीजेपी के शासन में हुई हैं। इन घटनाओं में 28 लोग मारे जा चुके हैं।

थरूर यहीं नहीं रुके उन्होंने अपने एक लेख में यह भी लिखा कि

इस देश में कई जगहों पर तो मुसलमान होने से बेहतर गाय होना है।

(Why BJP Ministers’ claims about reduction in communal violence don’t stand up to the facts: It seems safer in many places to be a cow than a Muslim.

https://t.co/ZACOJ005rs

— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 22, 2018)

Image result for sunanda

 

विवाद नंबर 2

इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर पर भी विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि

हिन्दू राष्ट्र की भाजपा की बात वास्तव में बहुत खतरनाक है और यह इस देश को तोड़ देगी। क्या हिन्दू धर्म का तालिबानीकरण शुरू हो गया है? थरूर का कहना था किअगर भाजपा फिर से सत्ता में आई तो वह संविधान को फिर से लिखेगी औरहिन्दू पाकिस्तान बनाने का रास्ता तैयार करेगी। उन्होंने ये कह दिया कि कोई भी अच्छा हिंदू अयोध्या में राम मंदिर नहीं देखना चाहेगा।

ऐसे बयान पर राजनीतिक खेमों में जो हलचल मची तो कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल को कहना पड़ा कि कांग्रेस के नेता संभलकर बयान दें। लेकिन थरूर पर इसका असर होता नहीं दिखा। तभी तो उन्होंने इस बार प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाते हुए उन्हें शिवलिंग पर बैठा बिच्छू कह दिया।

Image result for sunanda

 

विवाद नंबर 3

पद्मावती फिल्म को लेकर शशि थरूर ने कहा था कि आज जो ये तथाकथित जाबांज महाराजा एक फिल्मकार के पीछे पड़े हैं और दावा कर रहे हैं कि उनका सम्मान दांव पर लग गया है, यही महाराजा उस समय भाग खड़े हुए थे जब ब्रिटिश शासकों ने उनके मान सम्मान को रौंद दिया था। थरूर से सवाल किया गया था कि उनकी किताब एन एरा आफ डार्कनेस : द ब्रिटिश एम्पायर इन इंडिया में पीड़ा का भाव क्यों है जबकि उनकी राय यह है कि भारतीयों ने अंग्रेजों का साथ दिया था । थरूर ने कहा,

यह हमारी गलती है और मैं यह कहता हूं सही मायने में तो मैं पीड़ा को सही नहीं ठहराता हूं किताब में दर्जनों जगहों पर मैं खुद पर बहुत सख्त रहा हूं कुछ ब्रिटिश समीक्षकों ने कहा है, वह इस बात की व्याख्या क्यों नहीं करते कि ब्रिटिश कैसे जीत गए ? और ये बेहद उचित सवाल है ….असलियत तो यह है कि इन तथाकथित महाराजाओं में हर एक …….जो आज मुंबई के एक फिल्मकार के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं, उन्हें उस समय अपने मान सम्मान की कोई चिंता नहीं थी जब ब्रिटिश इनके मान सम्मान को पैरों तले रौंद रहे थे। वे खुद को बचाने के लिए भाग खड़े हुए थे तो इस सचाई का सामना करो …..इसलिए ये सवाल ही नहीं है कि हमारी मिलीभगत थी।

विवाद नंबर 4

मानुषी छिल्लर का मजाक उड़ाया

थरूर मिस वर्ल्ड 2017 का खिताब जीतकर देश को गर्व का अनुभव देने वाली मानुषी छिल्लर के नाम का मजाक उड़ा चुके है।
थरूर ने छिल्लर का जिक्र करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा और कहा,

‘हमारी मुद्रा को डिमोनिटाइज करना कितनी बड़ी गलती! बीजेपी को यह अहसास हुआ होगा कि भारतीय नकदी पूरी दुनिया पर हावी है। देखो, हमारा चिल्लर भी मिस वर्ल्ड बन गया।’

Image result for manushi chillar

विवाद नंबर 5

गांजे और भांग को कानूनी मान्यता देने की मांग

शशि थरूर देश में गांजे और भांग को कानूनी मान्यता देने की मांग कर चुके है। थरूर ने कहा था

‘समय आ चुका है जब भारत भी गांजे और भांग जैसे नशे के उत्पादों को बाकी देशों से पहले मान्यता दे कर इतिहास रच दे। जहां विश्व में कई देश ऐसे है कि वहां नशों के उत्पाद को कानूनी मान्यता देने की कवायद चल रही है, वहीं अगर भारत ये कानून पहले ले आता है तो दुनिया के सामने एक मिसाल कायम होगी।‘

संयुक्त राष्ट्र में पूर्व राजनयिक रहे थरूर को 2009 में कुछ विवादित ट्वीटों के कारण पार्टी की फ़टकार पड़ी थी। उस समय ट्विटर पर थरूर के एक लाख साठ हज़ार से ज़्यादा फ़ॉलोअर थे और बहुत से लोग मज़ाक में उन्हें ‘ट्वीटर मिनिस्टर’ कहते थे। तब थरूर एक और विवाद में फँस गए और इस बार उन्हें अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा।
उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में एक नई टीम की नीलामी में अपनी भूमिका को लेकर हुए विवाद के कारण विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा।

सुनंदा पुष्कर को खुदकशी के लिए उकसाने के मामले में आरोपी 

उनकी पत्नी और दुबई में महिला कारोबारी रहीं सुनंदा पुष्कर ट्विटर पर हुए एक विवाद के बाद दिल्ली के एक होटल में मृत पाई गई। तब लेखक सुकेतु मेहता ने ट्वीट किया था, “सुनंदा की मौत ट्विटर द्वारा किया गया क़त्ल है.”

17 जनवरी 2014 को चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा होटल लीला पैलेस के सुइट नंबर 345 में सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी 2015 को हत्या का केस दर्ज किया था, लेकिन सुबूत नहीं मिले थे। फोरेंसिक साइकलॉजिकल प्रोफाइलिंग, विशेषज्ञ की राय और तकनीकी जांच के आधार पर आइपीसी की धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और 498 ए यानी प्रताडि़त करने की धाराओं के तहत शशि थरूर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुनंदा को खुदकशी के लिए उकसाने के मामले में उनके पति शशि थरूर आरोपित थे

– 20 सितंबर को मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया था कि वह कांग्रेस सांसद शशि थरूर को प्रकरण से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने यह आदेश तब दिया था, जब शशि थरूर के वकील ने अदालत को बताया कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में कई पढ़ने लायक नहीं हैं और कुछ गायब हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान की एक पत्रकार मेहर तरार पर सुनंदा ने अपने पति से अफेयर का शक जताया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here