नतीजों में बदलेंगे एक्ज़िट पोल के अनुमान …?

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क्या होगा अगर नतीजों में बदलेंगे एक्ज़िट पोल के अनुमान? 19 मई के मतदान खत्म होने के बाद एक्जि़ट पोल ने जो तस्वीर पेश की है वह वाकई में सबको स्तब्ध करने वाली है। खासकर कांग्रेस के लिये एक्जिट पोल के नतीजे काफी निराशाजनक है। लग रहा है कि महागठबंधन मिलकर भी मोदी की सुनामी को रोक नहीं पा रहा है। 8 सर्वे एजेंसियों ने एक्जिट पोल में एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार पर मुहर लगाई है। ऐसे में राजनीति के जानकार भी सोचने पर विवश हैं कि अगर ये अनुमान सही मायनों में 23 को नतीज़ों में बदलते हैं तो देश की सियासी तस्वीर कैसी होगी। यहां हम इंडिया टुडे और एक्सिस माई इंडिया और टुडेज़ टाणक्य के एक्जिट पोल के मुताबिक राजनीतिक समीकरणों का विशलेषण कर रहे हैं।

लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत से बनेगी सरकार ?

exit poll 2019

एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को 339 से 365, यूपीए को 77 से 108 और अन्य दलों को 69 से 95 सीटें मिल सकती हैं. अगर 23 मई को कमोबेश यही आंकड़े रहते हैं तो फिर ये 1971 के बाद पहली बार ऐसा होगा कि कोई नेता लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आएगा. ये करिश्मा 1971 में इंदिरा गांधी ने किया था और अब नरेंद्र मोदी ऐसा करिश्मा करने वाले हैं, क्योंकि अनुमान यही बता रहा है कि पूरे देश में मोदी सुनामी है.
आज तक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को 339 से 365, यूपीए को 77 से 108 और अन्य दलों को 69 से 95 सीटें मिल सकती हैं. अगर 23 मई को कमोबेश यही आंकड़े रहते हैं तो फिर ये 1971 के बाद पहली बार ऐसा होगा कि कोई नेता लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आएगा.

लहर नहीं सुनामी है !

एनडीए 339 से 365 सीटें. ये 23 मई की उस पिक्चर का ट्रेलर है, जिसमें नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. आजतक- एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, इस बार नरेंद्र मोदी की लहर नहीं सुनामी है. इसके सामने ना कोई गठबंधन टिकेगा और ना विपक्ष का कोई गणित.

ध्वस्त हुए विपक्ष के मुद्दे

इस चुनाव में जिस तरह से विपक्ष ने एकजुट होकर नरेंद्र मोदी को टक्कर देने में जोर लगाया था. उससे यही लग रहा था कि इस बार शायद बीजेपी बहुमत के आंकड़े से दूर रह जाए, लेकिन एग्जिट पोल के अनुमान ये साबित कर रहे हैं कि मोदी है तो कुछ भी मुमकिन है. अनुमान अगर सही साबित होते हैं तो आने वाले पांच सालों में पीएम मोदी की छवि और मजबूत हो जाएगी. नोटबंदी, जीएसटी की तरह आने वाले पांच सालों में मोदी और भी बड़े फैसले ले सकते हैं.

अमित शाह का बढ़ेगा कद

एक्जिट पोल के बाद कहा जा सकता है कि अगर इस सुनामी के सुपरहीरो पीएम नरेंद्र मोदी हैं तो हीरो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह. अपने बूथ मैनेजमेंट को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले अमित शाह पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की हार पर जो सवाल उठ रहे थे, वह खामोश हो जाएंगे और एक बार फिर उनके चाणक्य नीति की हर जगह तारीफ होगी. माना जा रहा है कि आने वाले पांच साल में अमित शाह का कद मोदी सरकार पार्ट-2 में काफी बड़ा हो सकता है.

अधर में विपक्ष के गठबंधनों का भविष्य

एग्जिट पोल ने एक ट्रेंड को हवा दे दी है कि नरेंद्र मोदी के नाम को टक्कर देने वाला इस वक्त भारतीय राजनीति में कोई नहीं है. यूपी जैसे राज्य में जहां मायावती और अखिलेश ने बड़ी चुनौती दी थी, वहां पर नरेंद्र मोदी इस चुनावी जोड़ी को बुरी तरह से ध्वस्त करते दिख रहे हैं.

कांग्रेस के अंदर उथल -पुथल हो सकती है

अनुमानों से सबसे ज्यादा बेचैनी कांग्रेस में हो सकती है. कांग्रेस ने यह चुनाव काफी आक्रामक तरीके से लड़ा था. राहुल गांधी के साथ ही प्रियंका गांधी ने राजनीति में आधिकारिक एंट्री लेने के बाद मोदी सरकार को हर जगह घेरा, लेकिन एग्जिट पोल के अनुमान बता रहे हैं कि भाई-बहन की यह जोड़ी मोदी के विजय रथ को रोकने में कामयाब नहीं हो सकी. 2014 की तरह 2019 में कांग्रेस का प्रदर्शन औसत रहने की उम्मीद है. ऐसे में कांग्रेस के भीतर एक बड़ा उथल-पुथल हो सकता है. राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ सकते हैं.

इन राज्यों में कांग्रेस के लिये खतरे की घंटी

अनुमान अगर सच साबित होते हैं तो कांग्रेस के लिए एक और बड़ी खतरे की घंटी बज सकती है. मोदी सुनामी के बाद बीजेपी का पूरा फोकस पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्यप्रदेश की राज्य सरकारों के खिलाफ ऑपरेशन लोटस चलाने पर हो सकता है. बंगाल में पीएम मोदी कह चुके हैं कि उनके संपर्क में टीएमसी के 40 विधायक हैं. जबकि कर्नाटक में बीजेपी दो बार ऑपरेशन लोटस चला चुकी है. अब तीसरी बार भी ऑपरेशन लोटस चलाकर बीजेपी वहां तख्तापलट करने की कोशिश कर सकती है. इसके अलावा मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार पर भी खतरे के बादल मंडरा सकते हैं. बीजेपी वहां भी सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है.

विधानसभा चुनाव की तैयारी

नतीजों के बाद अब बीजेपी की तैयारी आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर होगी. केंद्र की सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ दोबारा आने के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद होंगे और पूरे दमखम के साथ वह इन विधानसभा चुनावों में अपना पूरा जोर लगाएगी. दिल्ली, हरियाणा, जम्मू- कश्मीर, महाराष्ट्र, झारखंड जैसे बड़े राज्यों में इस साल ही विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. इन राज्यों में बीजेपी को मोदी सुनामी का फायदा मिलेगा.