दही में नमक! यानी लाशों को पेट में रखना, आप दही में टेस्ट कैसे बढ़ते हैं?

दही में नमक! यानी लाशों को पेट में रखना. कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाएं. इसे हमेशा मीठी चीजों के साथ खाना चाहिए, जैसे- चीनी के साथ, गुड के साथ, बूरे के साथ आदि.

दही में हैं हज़ारों बैक्टीरिया

इसमें होते हैं हज़ारों बैक्टीरिया। इस क्रिया को समझने के लिए आप साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट वाला लेंस लें। इस लेंस से देखें। आपको Curd में छोटे-छोटे हजारों बैक्टीरिया नजर आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में आपको इधर-उधर चलते फिरते नजर आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में ही हमारे शरीर में जाने चाहिए. क्योंकि जब हम दही खाते हैं तो हमारे अंदर एंजाइम प्रोसेस अच्छे से चलता है.

Curd

क्या कहता है आयुर्वेद

दही को आयुर्वेद की भाषा में जीवाणुओं का घर माना जाता है. अगर एक कप दही में आप जीवाणुओं की गिनती करेंगे तो करोड़ों जीवाणु नजर आएंगे. अगर आप मीठा दही खाएंगे, तो ये बैक्टीरिया आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे. वहीं अगर आप दही में एक चुटकी नमक भी मिला लें, तो एक मिनट में सारे बैक्टीरिया मर जाएंगे. उनकी लाश ही हमारे अंदर जाएगी जो कि किसी काम नहीं आएगी. आयुर्वेद में कहा गया है कि इसमें ऐसी चीज मिलाएं, जो कि जीवाणुओं को बढ़ाए, ना कि उन्हें मारे या खत्म करे.


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Curd में देसी स्वीटर

  • अगर 1 किलो Curd में एक चुटकी नामक डालेंगे, तो इसके सारे बैक्टीरियल गुण खत्म हो जाएंगे. क्योंकि नमक में जो केमिकल्स है वह जीवाणुओं के दुश्मन हैं.
  • Curd को गुड़ के साथ खाएं. गुड़ डालते ही जीवाणुओं की संख्या मल्टीप्लाई हो जाती है. वह एक करोड़ से दो करोड़ हो जाते हैं थोड़ी देर गुड मिला कर रख दें.
  • बूरा डालकर भी इसमें जीवाणुओं की ग्रोथ कई गुना ज्यादा हो जाती है.
  • मिश्री को Curd में डाला जाए, तो ये सोने पर सुहागा होगा.
  • भगवान कृष्ण भी दही को मिश्री के साथ ही खाते थे.

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