Covid In India- बेसहारा परिवारों को मदद की दरकार, कब सुनेगी सरकार

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Covid In India-कोरोना की वजह से मानव जीवन भारी संकट में आ चुका है। लेकिन अब उन परिवारों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। जिनके घरों से अकेले कमाने वाला भी जिंदगी की जंग हार गया। सरकारें अपने-अपने स्तर पर मदद करने की घोषणाएं तो कर रही हैं लेकिन अभी धरातल पर सब शून्य है।

गरीब वर्ग पर सबसे ज्यादा असर

यदि आंकड़ों पर गौर करें तो कोरोना से देश में अब तक ढाई करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से करीब पौने तीन लाख लोगों की मौत हो चुकी है और यह वो आंकड़ा है जो सरकार ने बताया है अगर हकीकत पर जाएं तो निश्चित तौर पर यह दोगुना होगा।

Covid In India- जांच के लिये बने कमेटी

इन आंकड़ों का भी वर्गीकरण करें तो मरने वाले 68 प्रतिशत गरीब व मध्यमवर्गीय लोग हैं। जिन लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिला और वह बिना इलाज के ही मर गए, उन लोगों को  तो सरकार अपने आंकड़े में गिन ही नहीं रही। इसके लिए एक कमेटी गठित करके जांच के आधार ऐसे परिवारों को भी मदद देने की जरुरत है।

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रोजी-रोटी का संकट

कोरोना से मरने वाले लोगों के परिवार के सामने एक मुश्किल यह भी है कि वो लॉकडाउन में काम नहीं ढूंढ पा रहे। ऐसे लोगों के लिए सरकार को बेहद गंभीरता से सोचने की जरुरत है चूंकि जो कोरोना से मर गया वहां तो कोई कुछ नहीं कर सका लेकिन लोग भूख से ही मर जाएगें तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण माना जाएगा। यहां दूसरे मामलों की तरह महज़ घोषणाओं से काम नहीं चलेगा चूंकि इस बार मामला मानव जीवन पर संकट और बुनियादी जरुरत का है। यदि लोग भूख से मरने लगे तो यहां सरकार पर कई तरह के सवालिया निशान खड़े हो जाएंगे।

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Covid In India- अमेरिका में सुधरे हालात, सबक ले सरकार

अपने-अपने देश की जनता के लिए आर्थिक मामले पर विश्वस्तरीय चर्चा करें तो अमेरिका ने पिछले वर्ष कोरोना से मरने वालों के परिजनों व लॉकडाउन की वजह से 17.5 करोड़ डॉलर के पैकेज के ज़रिए मदद की थी । इस साल भी नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 139 राहत पैकेज का ऐलान किया है। इसके तहत हर अमेरिकी को खाते में कारीब एक लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा रुस, आस्ट्रेलिया, सऊदी अरब व अन्य तमाम देशों ने अपने नागरिकों को आर्थिक मदद करके उन्हें संकट में नहीं आने दिया।

हमारे देश के संदर्भ में चर्चा करें तो अधिक जनसंख्या का होना हमें पिछड़ा बनाता है। पूरी दुनिया में लगभग साढ़े सात सौ करोड़ लोग हैं जिनमें से एक तिहाई हमारे देश और चीन में रहते हैं। अधिक जनसंख्या में एक समान किसी भी चीज का लागू करना चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन वैश्विक आपदा से निपटने के लिए काम करना होगा।

Covid In India- मिलकर काम करने की ज़रूरत

यदि यह काम राज्य स्तर पर करना है तो उसके लिए मुख्यमंत्रियों के साथ सहमति से प्रयास किए जाएं और तुरंत प्रभाव के साथ आदेश दिया जाए और यदि यह केन्द को अपने संरक्षण में करना है तो भी जल्द से जल्द खाका तैयार कर जरुरतमंदो को लाभ पहुंचाया जाए।

योगेश कुमार सोनी, वरिष्ठ पत्रकार