Controversy Over Board Exam in Haryana -11 माह पढ़ी सीबीएसई की पुस्तकें, पेपर लेगा भिवानी बोर्ड

Controversy Over Board Exam
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Controversy Over Board Exam in Haryana-हरियाणा सरकार का आठवीं में फिर से बोर्ड लागू करने का फैसला विवादों में पड़ गया है। अकेले प्राइवेट स्कूल संचालक ही नहीं, अभिभावक भी सरकार के इस ‘फरमान’ से सहमत नहीं हैं। दरअसल, बिना सोचे-समझे और जल्दबाजी में सरकार ने यह कदम उठाया। ऐसे में इसका विरोध होना स्वाभाविक भी था। बहरहाल, इस पूरे मुद्दे पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने 25 फरवरी को चंडीगढ़ में बड़ी बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि अपने इस फैसले पर सरकार ‘बैकफुट’ पर आ सकती है।

बिना तैयारी और मंथन के आठवीं में बोर्ड एग्जाम का फैसला, अब पूरे प्रदेश में हो रहा विरोध

हरियाणा में करीब 1800 प्राइवेट स्कूलों ने सीबीएसई से तथा 200 ने आईसीएसई से मान्यता ली हुई हैं। बाकी प्राइवेट स्कूल बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन भिवानी से संबद्ध हैं। सीबीएसई की मान्यता वाले स्कूलों में आठवीं के बच्चों को इसी बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ाया गया।

Controversy Over Board Exam in Haryana

कोरोना के चलते स्कूल लंबे समय तक बंद रहे। ऑनलाइन पढ़ाई हुई, लेकिन विद्यार्थियों की शिक्षा पर काफी असर भी पड़ा। केंद्र सरकार ने हाल ही में राइट-टू-एजुकेशन एक्ट में संशोधन किया है। पुराने एक्ट में बच्चों को फेल नहीं किया जा सकता था, लेकिन अब बदलाव के बाद पांचवीं और आठवीं कक्षा में विद्यार्थियों को फेल किया जा सकेगा। मानव संसाधन मंत्रालय ने पेपर लेने के लिए भी राज्यों को अधिकार दिए हैं।

कानून में हुए बदलाव के चलते ही हरियाणा सरकार ने इसी शैक्षणिक सत्र में आठवीं में बोर्ड लागू करने का निर्णय लिया है। राइट-टू-एजुकेशन कानून पूर्व की यूपीए सरकार में लागू हुआ था। इस एक्ट के लागू होने से पहले भी आठवीं में बोर्ड था, लेकिन बोर्ड के एग्जाम उसी पाठ्यक्रम के हिसाब से होते थे, जो बच्चों ने पढ़ा है। मसलन, भिवानी बोर्ड अपनी परीक्षाएं लेता था, जबकि सीबीएसई और आईसीएसई अपने हिसाब से पेपर लेता था।

प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ अभिभावक भी कर रहे फैसले का विरोध

सरकार के इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूलों ने आठवीं के बच्चों से एनसीईआरटी की पुस्तकें खरीदने को कह दिया है। अभिभावक भी इससे परेशान हैं। उनका कहना है कि जब बच्चों ने 11 महीने तक सीबीएसई पाठ्यक्रम को पढ़ा है तो वे एक महीने में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के हिसाब से तैयारी कैसे करेंगे। कई स्कूलों ने तो बच्चों को दोनों पाठ्यक्रम की तैयारी करने को कह दिया है। अब बच्चे भी दुविधा में हैं कि वे करें तो क्या करें।

Controversy Over Board Exam in Haryana-भिवानी बोर्ड को बनाया एग्जाम एजेंसी

Controversy Over Board Exam
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प्रदेश सरकार ने बोर्ड एग्जाम लेने के लिए भिवानी बोर्ड को ही एजेंसी के तौर पर हॉयर किया है। यानी अब भिवानी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के अलावा सीबीसीई और आईसीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के एग्जाम भी भिवानी बोर्ड ही लेगा। सीबीएसई व आईसीएसई के बच्चों ने अपना पाठ्यक्रम पढ़ा है। वहीं भिवानी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम है।

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सीबीएसई को दे रहे बढ़ावा

एक ओर तो सरकार भिवानी बोर्ड पर इतना भरोसा जता रही है, वहीं सीबीएसई को भी बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिन्हें सरकार ने सीबीएसई से मान्यता दिलवाई है। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चों को सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए यह कदम उठाया है। प्रदेश में स्थापित किए गए मॉडल संस्कृति स्कूल भी सीबीएसई से ही संबद्ध हैं।

Controversy Over Board Exam in Haryana-एक एग्जाम में बोर्ड कमाएगा करोड़ों

8वीं में बोर्ड लागू करने के फैसले से भिवानी बोर्ड की ही ही एग्जाम में करोड़ों रुपये की कमाई होगी। दरअसल, सरकार ने 8वीं बोर्ड के लिए सभी प्राइवेट स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा है। प्रत्येक स्कूल को रजिस्ट्रेशन के लिए 5 हजार रुपये फीस देनी होगी। प्राइवेट स्कूलों में आठवीं के विद्यार्थियों की संख्या साढ़े 4 लाख से अधिक है। इन बच्चों को भी 100 रुपये इनरोलमेंट के और 450 रुपये एग्जामिनेशन फीस के देने होंगे। इससे बोर्ड के पास 25 करोड़ रुपये के करीब का फंड आएगा।

अगले सत्र से लागू हो फैसला

प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि वे आठवीं में बोर्ड लागू करने के विरोध में नहीं है, लेकिन आनन-फानन में फैसला नहीं हो सकता। बोर्ड लागू ही करना है तो अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू किया जाए। इसी साल से बोर्ड परीक्षाएं लेनी भी हैं तो वही पाठ्यक्रम लागू हो, जो बच्चों ने 11 महीने तक पढ़ा है। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कांफ्रेंस के प्रेस सचिव सुभाष कपूर का कहना है कि सरकार तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला भिवानी बोर्ड केवल पैसे इकट्ठे करने के लिए कर रहा है। बच्चों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।

Controversy Over Board Exam in Haryanaस्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक -जी गणेशन क्या कहते हैं

आठवीं में बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर कुछ समस्याएं आ रही हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने कुछ मुद्दे उठाए हैं। इन्हीं पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री महोदय ने 25 को चंडीगढ़ में बैठक बुलाई है। बैठक में अलग-अलग 12 स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।