क्लेविरा एंटीवायरल : किडनी और लिवर के मरीजों के लिए भी सुरक्षित है

क्लेविरा एंटीवायरल। चेन्नई आधारित फार्मासियुटिकल कंपनी एपेक्स लैबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा क्लेविरा एक एंटीवायरल हर्बल फामुलेशन जांच किया गया है। प्रारंभिक चरण में क्लेविरा को 2017 में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए विकसित किया गया था।

इम्युनिटी बढ़ाए और कोरोना में लाभकारी

क्लेविरा एंटीवायरल को डाॅक्टर के परामर्श पर लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। फार्मासियुटिकल कंपनी एपेक्स लैबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा क्लेविरा एक एंटीवायरल हर्बल फामुलेशन जांच किया गया है।

2017 में विकसित

प्रारंभिक चरण में क्लेविरा को 2017 में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए विकसित किया गया था। फार्मुलेशन को दोबारा कोविड मरीजों के सहायक इलाज के तौर पर कोविड के लक्ष्णों को हल्के से मध्यम पर लाने के लिए तैयार किया गया। यह उत्पाद देशभर में हर जगह उपलब्ध है और 11 रुपए प्रति टेबलेट इसका शुल्क रखा गया है।

कोरोना के खिलाफ जंग

एपेक्स लैबोरेटरी की कार्यपालन निदेशक सुभाषिनी वनांनगौमुदी ने बताया कि कोविड के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत को कम किया जा सकता है तथा संक्रमण को हल्के से मध्यम किया जा सकता है। कोरोना के खिलाफ जंग के लिए हम सभी को हाथ मिलाना होगा।

क्लेविरा से फायदे

एपेक्स लैबोरेटरी के इंटरनेशनल बिजनेस मैनेजर मिस्टर सी अर्थुर पॉल ने कहा कि एंटी वायरल दवा, वायरल लोड को कम करने के साथ ही खून में सफेद रक्त कणिकाएं, प्लेटलेट्स और लिम्फोसाइट्स को तेजी से बढ़ाती हैं। हर चरण में मरीज की सेहत में तेजी से सुधार दिखने लगता है। ईएसआर का स्तर इस बात का प्रमाण है कि दवा के प्रयोग से एंटी इंफ्लेमेटरी असर अधिक हो रहा है। क्लेविरा को एनालजेसिक, एंटीपायरेटिक और थांब्रोबायसोइटोपेनिया को रोकने में प्रभावकारी माना गया है। किडनी और लिवर के मरीज भी इसका प्रयोग सुरक्षित रूप से कर सकते हैं। क्लेविरा का प्रयोग फ्रंट लाइन वर्कर और कोविड मरीजों की देखभाल करने वाले वर्कर भी कर सकते हैं। दो साल की अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए क्लेविरा पूरी तरह सुरक्षित है।

क्लेविरा की हर टेबलेट केवल 11 रुपए की

एपेक्स लैबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग प्रमुख कार्तिक शंमुगन ने बताया कि दवा देशभर में उपलब्ध है। इसके प्रयोग से कोरोना के मरीज जल्दी ठीक होंगे। दवा की कीमत को भी आम लोगों की पहुंच के अनुसार ही तय किया है। क्लेविरा की हर टेबलेट केवल 11 रुपए की होगी।

टेस्ट, खुराक और असरदार

क्लेविरा को बनाने के लिए 100 लोगों पर क्लीनिकल परीक्षण किया गया। मई- जून 2020 में किए गए परीक्षण के परिणाम काफी सकारात्मक देखे गए। तमिलनाडू सरकार द्वारा परीक्षण की अनुमति मिलने के बाद चेन्नई के ओमनदूरार सरकारी मेडिकल कॉलेज में किए गए तीस दिन के लिए सौ लोगों का चयन किया गया। क्लेविरा दो टेबलेट दिन में दो बार खाने के बाद 14 दिन तक दी गई। 14 दिन में ही आश्यर्चजनक परिणाम देखे गए। यह बदलाव पायरेक्सिया या शरीर के दर्द में कमी, श्वसन दर के सामान्य होने (24 मिनट से कम) ऑक्सीजन के स्तर में सुधार (94 प्रतिशत से अधिक) आदि के रूप में नोट किया गया। क्लेविरा के साथ 86 प्रतिशत मरीजों की कोविड19 आरटीपीसीआर जांच पांच दिन में नेगेटिव हो गई और 100 प्रतिशत मरीजों की दसवें दिन कोविड आरटीपीसीआर जांच नेगेटिव देखी गई। कोविड मरीजों में 4 दिन से ही क्लीनिकल सुधार देखा गया।

आयुष मंत्रालय और तमिलनाडू सरकार 

आयुष मंत्रालय और तमिलनाडू सरकार को वर्ष 2020 में ही सौंप दिए गए थे। सभी सख्त अनुदेशों का पालन करने के बाद भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा क्लेविरा को हल्के से मध्यम (माइल्ड टू मोडिरेट) कोविड इलाज में सहायक इलाज के तौर पर क्लेविरा के प्रयोग की अनुमति दी गई। यह भारत की पहली ऐसी दवा है जिसे प्रमाणित के कई चरणों को पार किया है।आयुष मंत्रालय द्वारा गठित 12 सदस्यों की एक अन्य कमेटी द्वारा दवा को प्रमाणित किया गया है।

क्लेविरा है किडनी और लिवर के लिए सुरक्षित

दूसरे चरण का परीक्षण चूहों पर तथा तीसरे चरण का परीक्षण मानवों पर किया गया। क्लेविरा को वायरल संबंधी अन्य बुखार जिनमें खून का थक्का जमने की संभावना होती है। इसे एनालजेस्टिक, एंटीपायरेट्रिक और खून के थक्के रोकने थांब्रोसाइटोपेनिया के लिए प्रभावकारी माना गया है। क्लेविरा को ओरली दिन में दो बार खाना खाने के बाद 14 दिन तक ले सकते हैं। यह किडनी और लिवर के लिए भी सुरक्षित दवा मानी गई है।

यह भी पढ़ें: https://www.indiamoods.com/3-86-lakh-new-cases-in-one-day-of-corona-the-recovery-rate-fell-to-81-99/