मुख्यमंत्री खट्टर चले भजनलाल की राह पर-हरियाणा बॉर्डर सील करना अलोकतांत्रिक – केंद्रीय सिंह सभा

kendriya singh sabha

चंडीगढ़, 25 नवंबर, 2020 ( एफपीएन ) : दिल्ली कूच कर रहे पंजाब के किसानों को रोकने के लिए हरियाणा बॉर्डर सील करना अलोकतांत्रिक व तानाशाही कदम है जिसके साथ देश में ना सिर्फ तनावपूर्ण वातावरण बनेगा बल्कि इसके दूरगामी परिणाम भी अच्छे नहीं होंगे। केंद्रीय सिंह सभा (Central singh assembly) से जुड़े सिख चिंतकों ने कहा कि दिल्ली में बैठे शासकों के आदेशों का पालन करते हुए हरियाणा पुलिस दिल्ली जा रहे किसानों को रोककर जानबूझकर उनको टकराव व हिंसा की तरफ धकेल रही है। ताकि स्टेट मशीनरी को प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार करने का अवसर मिल सके।

#FarmLaws

‘बॉर्डर सील करना अलोकतांत्रिक, सियासत कर रहे हैं सीएम’

राजनीति से प्रेरित ऐसे दांव- मुख्यमंत्री भजनलाल ने 1980 में अकाली मोर्चे के विरुद्ध इस्तेमाल किए थे जब उनको दिल्ली जाते हुए अपमानित किया गया। अकाली नेताओं की पगड़ीयों को उछाला गया जिसने सिखों को देश में बेगानगी का एहसास करवाया था। उनके लोकतंत्रिक व्यवहार से उत्तरी भारत के हालात बिगड़े, दरबार साहिब पर फौजी हमला हुआ, इंदिरा गांधी का कत्ल और सिख कत्लेआम हुआ। उनके इस व्यवहार से देश के लोकतंत्र को गहरा सदमा पहुंचा। उसी के परिणाम स्वरूप हिंदुत्व व हिंदू राष्ट्रवादी राजनीति की शुरुआत हुई।

यह भी पढ़ें: #FarmBills के खिलाफ किसानों के साथ अब कांग्रेस भी प्रदर्शन में, चंडीगढ़ में धरना

जनता भगुत रही खमियाज़ा: केंद्रीय सिंह सभा

हरियाणा के अस्तित्व में आने से लेकर पिछले 50 सालों का राजनीतिक अमल यही सबूत पेश करता है कि हरियाणा की राजनीतिक श्रेणी दिल्ली के शासकों के आदेशों की पालना ही करती है चाहे प्रदेश के लोगों को उसका गंभीर खामियाजा ही क्यों न भुगतना पड़े?

बॉर्डर सील करना अलोकतांत्रिक


हरियाणा की राजनीतिक की श्रेणी को चाहिए कि वे अपनी राजनीतिक सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए इतिहास से सबक ले। और पंजाब के किसानों को दिल्ली की तरफ जाने का रास्ता दे। सर्वविदित है कि हरियाणा और पंजाब के किसानों की समस्याओं, हितों व मांगो में चिर परिचित सांझ है। हरियाणा के किसान भी फसलों पर एमएसपी को लागू करने की मांग करते हैं।

यह भी पढ़ें:किसान सड़कों पर लेकिन सरकारों को क्यों सुनाई नहीं देता धरतीपुत्र का अंतर्नाद…
इसके साथ ही हम देश की क्षेत्रीय पार्टियों व विरोधी दलों को अपील करते हैं कि वह किसानों की मांगों के समर्थन में आगे आएं जिससे मोदी सरकार के तानाशाही रवैया को दबाया जा सके।

केंद्रीय सिंह सभा ने जारी किया बयान


केंद्रीय सिंह सभा के महासचिव खुशहाल सिंह द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार इस बैठक में प्रोफेसर श्याम सिंह, प्रोफेसर मनजीत सिंह, पत्रकार सुखदेव सिंह, पत्रकार जसपाल सिंह सिद्धू, देश पंजाब के संपादक गुरबचन सिंह, भिंडर सिंह, डॉक्टर प्यारे लाल गर्ग, डॉक्टर कुलदीप सिंह, राजिंदर सिंह, अजय पाल सिंह बराड़, विमल कुमार धमोट, गुरप्रीत सिंह व राजविंदर राही भी शामिल हुए।