#CatchTheRain- पीएम मोदी बोले-बारिश से पहले मनरेगा का पैसा water harvesting में लगाया जाए

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विश्व जल दिवस पर ‘जल शक्ति अभियान : कैच द रेन’ (Jal Shakti Abhiyan: #CatchTheRain) की शुरुआत की और कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (National Rural Employment Guarantee Scheme) का एक-एक पैसा बारिश आने तक वर्षा का जल संचयन करने के काम में लगाया जाए।

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देश में वर्षा का अधिकतर जल बर्बाद होने पर अपनी चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बारिश का पानी जितना बचाया जाएगा, Ground water पर निर्भरता उतनी ही कम होगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की आत्म-निर्भरता जल संसाधनों तथा जल संपर्क पर निर्भर है और जल के प्रभावी संरक्षण के बिना भारत का तीव्र गति से विकास संभव नहीं है।

बारिश का पानी सहेजेंगे तो ग्राउंड वाटर पर नहीं रहना होगा निर्भर-पीएम

CatchTheRain अभियान के शुभारम्‍भ के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाने और ऐसे प्रयासों में आम जन की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वज हमारे लिये जल छोड़कर गए। हमारी जिम्मेदारी है कि हम भविष्य की पीढ़ियों के लिये इसका संरक्षण करें। चिंता की बात है कि भारत में अधिकतर वर्षा जल बर्बाद हो जाता है। बारिश का पानी हम जितना बचाएंगे, भूजल पर निर्भरता उतनी ही कम हो जाएगी। इसलिए कैच द रेन अभियान का सफल होना बहुत जरूरी है।’

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उन्होंने प्रत्येक गांव में आगामी सौ दिन वर्षा जल संरक्षण की तैयारियों को समर्पित किये जाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार जल शक्ति अभियान में विशेष रूप से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून आने में अभी कुछ हफ्तों का समय है इसलिए इसके लिए अभी से पानी को बचाने की तैयारी जोरों पर करनी है। उन्होंने कहा, ‘मानसून के आने से पहले ही टैंकों, तालाबों, कुओं की सफाई कर पानी संग्रह की उनकी क्षमता को बढ़ाना है। इसमें कोई बहुत बड़ी इंजीनियरिंग की जरूरत नहीं है। गांव के लोगों को ये चीजें मालूम हैं। वो बड़ी आसानी से कर लेंगे।’

मनरेगा की पाई-पाई इस काम में लगा दो….

उन्होंने कहा, ‘मैं तो चाहूंगा अब मनरेगा का एक-एक पैसा, एक-एक पाई बारिश आने तक सिर्फ-सिर्फ इसी काम के लिए लगे। मनरेगा का पैसा अब कहीं और नहीं जाना चाहिए और मैं चाहूंगा इस अभियान को सफल बनाने में सभी देशवासियों का सहयोग आवश्यक है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पहली बार सरकार जल परीक्षण पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौरान 4.5 लाख महिलाओं को जल के परीक्षण के लिये प्रशिक्षित किया गया।

#CatchTheRain- अगले 100 दिनों में बारात आने की तरह करें तैयारी

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उन्होंने कहा, ‘आने वाले 100 दिन हमें पानी की तैयारी वैसी ही करनी है, जैसी गांव में बारात आने के दौरान की जाती है। मेरा आपसे आग्रह है, पानी बचाना जितना जरूरी है, उतना ही पानी का विवेक-बुद्धि से उपयोग करना भी जरूरी है। इसको हमें कभी नहीं भूलना चाहिए।’ उल्लेखनीय है कि नदियों को जोड़ने की राष्‍ट्रीय योजना के तहत यह पहली परियोजना होगी। ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ कार्यक्रम के तहत वर्षा जल संचयन अभियान देश भर में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा और इसका नारा होगा ‘जहां भी गिरे और जब भी गिरे, वर्षा का पानी इकट्ठा करें”। इस अभियान को 22 मार्च से 30 नवबंर तक लागू किया जाएगा।