Bright Diwali पहुंच चुकी है विदेशों में भी

Bright Diwali पहुंच चुकी है विदेशों में भी। हम भारतीय तो सेलिब्रेट करते हैं Bright Diwali। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी रोशनी का त्योहार विदेशों में भी सेलिब्रेट किया जाता है। बस सेलिब्रेशन के रूप और कारण अलग-अलग होते हैं। यूं कह सकते हैं हमारी वाली Bright Diwali से काफी मिलता-जुलता है। जानते हैं विदेशों में रोशनी की सेलिब्रेशन के स्वरूप क्या है और इनके आयोजन का उद्देश्य।

नेपाल में तिहार

नेपाल में Diwali से मिलता-जुलता त्योहार ‘तिहार’ नाम से मनाया जाता है। यह त्योहार भी पांच दिनों तक ही चलता है। त्योहार का पहला दिन ‘काक दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। दूसरा दिन ‘श्वान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है और कुत्ते के माथे पर तिलक लगाकर उसके गले में फूलमाला डाली जाती है। विधि विधान से पूजा करते हुए आरती उतारी जाती है। तीसरा दिन प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया जाता है। लोग अपने-अपने घरों को दीये जलाकर आलोकित करते हैं, लक्ष्मी पूजन किया जाता है और आतिशबाजी भी होती है। नेपाल में लोगों की मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे। Fourth Day ‘यम पूजा’ के रूप में मनाया जाता है। पांचवां और अंतिम दिन ‘भैया दूज’ के रूप में मनाया जाता है। बहनें भाईयों को तिलक कर उनकी सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

श्रीलंका में राष्ट्रीय पर्व

श्रीलंका में Diwali को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा प्राप्त है। घरों में मिट्टी के दीये जलाए जाते है। रंग-बिरंगे बल्बों से घर के बाहर भी रोशनी की जाती है। रात के समय सफेद हाथियों को सोने के आभूषणों से अलंकृत कर जुलूस निकाला जाता है। श्रीलंका में इस अवसर पर चीनी से विभिन्न आकृतियों में मीठे खिलौने बनाए जाते हैं। लोग इन्हें एक-दूसरे को उपहार स्वरूप भी भेंट करते हैं।

म्यांमार (बर्मा) में तेगीचू

म्यांमार (बर्मा) में ‘तेगीचू’ नामक राष्ट्रीय पर्व मनाया जाता है, जो यहां भगवान बुद्ध का अवतरण दिवस माना जाता है। इस अवसर पर लोग भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं और मठों, मंदिरों व अपने घरों को दीयों से सजाते हैं। 

Diwali पहुंच चुकी है विदेशों में भी, मॉरीशस में दीवाली

मॉरीशस में Diwaliका त्यौहार लक्ष्मी पूजन के रूप में ही मनाया जाता है। यहां के लोगों की मान्यता है कि दीवाली तो श्रीराम के लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने के काफी पहले से ही मनाई जाती रही है।

फिजी में रामलीला

फिजी में Diwaliके पर्व पर रामलीला का आयोजन किया जाता है। रात के समय गणेश-लक्ष्मी के पूजन के बाद लोग आतिशबाजी का मजा लेते हैं।

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मलेशिया में प्रकाश

  मलेशिया में इस मौके पर घरों की साफ-सफाई करके सजावट की जाती है। मिट्टी के दीये जलाकर घरों को बाहर-भीतर से प्रकाशमय किया जाता है।

इंडोनेशिया में दीप पर्व

इंडोनेशिया में गणेश की मान्यता अधिक है। यहां Diwali के ही दिन ‘दीप पर्व’ मनाया जाता है। गणेश के साथ-साथ लक्ष्मी व सरस्वती की भी पूजा की जाती है।

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थाइलैंड में दीपदान

  थाइलैंड में वर्षा ऋतु के बाद देवी-देवताओं को दीपदान की परम्परा है। लोग केले के पत्ते पर मिठाईयां, धूपबत्ती तथा आटे का दीया बनाकर रखते हैं। दीया जलाकर नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है। 

Diwali पहुंच चुकी है विदेशों में भी, जपान में नव वर्ष में मिलता

जापान में 24 दिसंबर से शुरू होकर 13 दिनों तक चलने वाला नव वर्ष उत्सव Diwali से मिलता-जुलता पर्व है। हमारे यहां सुख, समृद्धि एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। इस अवसर पर जापान में सुख, समृद्धि की प्राप्ति के लिए भाग्य के पांच देवताओं सि, जिन, चि, कु, फु की पूजा की जाती है। इसके अलावा जापान में सितम्बर माह में मनाया जाने वाला पर्व ‘तोरोनगाशी’ भी दीपावली से काफी मिलता-जुलता है, जिसे ‘लालटेनों का पर्व’ भी कहा जाता है।

चीन में नई महुआ

चीन में ‘नई महुआ’ नाम से प्रकाश पर्व मनाया जाता है, जो तीन दिन तक चलता है। इस त्यौहार के मौके पर चीनी लोग अपनी भाषा में द्वार पर शुभ-लाभ लिखते हैं। ‘मैनशन’ नामक ये दोनों मानव आकृतियां विजय की प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से लोगों पर भूत-प्रेत का साया नहीं पड़ता।

जर्मनी में कार्निवाल

जर्मनी में ‘कार्निवाल’ नामक कैथोलिक पर्व भारत की दीवाली की याद दिलाता है। हर साल 23 सितम्बर को मनाए जाने वाले इस पर्व पर वहां पूर्वजों को दीपदान करने की परम्परा है। घरों, चैराहों तथा वृक्षों पर रंग-बिरंगी कंदीलें लटकाकर रोशनी की जाती है।

Diwali पहुंच चुकी है विदेशों में भी, अमेरिका में विकास पर्व

अमेरिकावासी भी नवम्बर के तीसरे सप्ताह में ‘विकास पर्व’ नाम से एक पर्व मनाते हैं। इस अवसर पर घरों व दुकानों पर खूब रोशनी की जाती है। दक्षिणी अमेरिका में तो इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है।

आस्ट्रेलिया में गुलाल

आस्ट्रेलिया में प्रतिवर्ष 22 दिसंबर को खेलप्रेमी अपनी जीत का जश्न मनाते हैं। आसमान में हर तरफ गुलाल के बादल उड़ते नजर आते हैं। इसी अवसर पर जगह-जगह बड़े-बड़े तोरणद्वार बनाकर जिस तरह से बिजली के रंग-बिरंगे बल्बों से हर तरफ रोशनी की जाती है। उससे यह दीपपर्व के ही समान लगता है। सड़कों पर इत्र छिड़ककर वातावरण को सुगंधित बनाया जाता है। अपने आसपास के वातावरण को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए लोग इस मौके पर समुद्र तटों पर ही आतिशबाजी कर खुशियां मनाते हैं।