भाजपा विधायक ने अपनी ही पार्टी के सांसद Virender Singh Mast पर लगाये आरोप, बैठक में भिड़े समर्थक

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अपनी ही पार्टी के सांसद सांसद Virender Singh Mast के साथ एक सरकारी बैठक में गरमा गरमी के बाद उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बैरिया से भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने ज़िलाधिकारी कार्यालय पर 101 घंटे का उपवास करने की घोषणा की है। विधायक ने सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त पर ज़मीनों पर क़ब्ज़ा करने के आरोप भी लगाए हैं। जिले के बैरिया क्षेत्र के विधायक सिंह ने मंगलवार रात अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बलिया से भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त पर तीखे हमले किये और उन्हें ‘भूमाफिया’ करार दिया।

’18 एकड़ से ज्यादा भूमि धोखाधड़ी के जरिये हथिया ली’

सिंह ने आरोप लगाया कि सांसद ने स्वयं और अपने बेटे तथा भाई एवं भतीजे के नाम पर बैरिया क्षेत्र के बाबु के शिवपुर गांव के विजय बहादुर सिंह की 18 एकड़ से ज्यादा भूमि धोखाधड़ी के जरिये हथिया ली है।

आरोप के संबंध में नहीं दिये कोई साक्ष्य

उन्होंने हालांकि अपने आरोप के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दिये। विधायक सुरेंद्र सिंह द्वारा भूमाफिया करार दिए जाने के आरोप पर भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने उनका नाम लिये बगैर एक कार्यक्रम में कहा कि वह उत्तर प्रदेश के सबसे शक्तिशाली सांसद हैं और अगर वह खामोश हैं तो इसे उनकी कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा, ‘सभी को पता है कि उन लोगों के साथ क्या हुआ जिन्होंने अन्य के काम में बाधा उत्पन्न की। मैं यहां पर पिछले पांच से छह महीने से हूं और सब कुछ देख रहा हूं।’

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सांसद Virender Singh Mast

उन्होंने सिंह पर परोक्ष तौर पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘समाज में नफरत फैलाकर कोई समाज का भला नहीं कर पाता है। मैं नहीं बोलता हूं तो इसका मतलब यह हरगिज नहीं है कि मैं डरता हूँ।’ सुरेंद्र सिंह के आरोप पर भाजपा सांसद मस्त के निजी सचिव अमन सिंह ने कहा कि भाजपा विधायक मानसिक रूप से दिवालिया हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सिंह को मीडिया के समक्ष आरोप लगाने के बजाय कानून के प्रावधान के तहत लड़ाई लड़नी चाहिए। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी एच. पी. शाही सत्ता के दबाव में डरे हुए हैं।

सांसद की ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर 101 घण्टे का उपवास करेंगे

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उन्होंने कहा कि वह सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और जिलाधिकारी शाही की ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर जल्द ही 101 घण्टे का उपवास करेंगे। बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार दोपहर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और पार्टी विधायक सुरेन्द्र सिंह में नोकझोंक के बाद दोनों के समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई। सूत्रों के अनुसार बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद मस्त ने अधिकारियों से विकास कार्यक्रमों को लेकर ब्यौरा मांगा, तभी भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह अपनी बात कहने लगे।

सांसद Virender Singh Mast ने विधायक को रोका तो भिड़े समर्थक

सूत्रों ने बताया कि सांसद ने विधायक को रोका तो बैठक में मौजूद भाजपा सांसद के एक समर्थक ने कुछ टिप्पणी कर दी। सूत्रों ने बताया कि यह टिप्पणी भाजपा विधायक को नागवार गुजरी और वह बैठक का बहिष्कार करके बाहर निकल गए। सूत्रों के अनुसार बाहर निकलते समय सांसद और विधायक के समर्थकों के बीच नोकझोंक और झड़प हुई। बैठक का बहिष्कार करने के बाद भाजपा विधायक सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में सूची के अनुसार ही जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद होते हैं लेकिन सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने मनमानी करते हुए बैठक में अनाधिकृत लोगों को बैठा दिया।’

आरोपों पर बोले सांसद Virender Singh Mast-विधायक नहीं सिखा सकते बैठक का संचालन

उन्होंने कहा, ‘मैं बैठक में भाजपा सांसद मस्त द्वारा बाबा के शिवपुर ग्राम के विजय बहादुर सिंह की भूमि हड़पने का मसला उठाना चाहता था।’ वहीं, सांसद ने कहा कि बैठक व्यवस्था के जरिये संचालित होती है। उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा विधायक अधिकारियों पर गलत काम करने के लिए दबाव बना रहे थे, जिस पर उन्हें रोका गया। एक सवाल के जवाब में मस्त ने कहा, ‘उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि बैठक में किसे बुलाना है और किसे नहीं। उन्हें सुरेंद्र सिंह नहीं सिखा सकते कि बैठक का संचालन किस तरह किया जाए।’