बीजेपी की 16वीं सूची: अखिलेश के खिलाफ ‘निरहुआ’ तो सोनिया के खिलाफ यह दिग्गज हैं मैदान में

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आजमगढ़ से भोजपुरी गायक दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ अखिलेश यादव को चुनौती देंगे. लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में पांच प्रत्याशियों की नई लिस्ट जारी की है. इनमें फिरोजाबाद, मैनपुरी, रायबरेली, आजमगढ़ और मछलीशहर सीट शामिल हैं. रायबरेली सीट से बीजेपी ने दिनेश प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है. वह सोनिया गांधी को चुनौती देंगे। भाजपा ने महाराष्‍ट्र की एक सीट के लिए भी प्रत्याशी की घोषणा की है. बीजेपी उत्तर-पूर्व मुंबई से मनोज कोटक को टिकट देने का ऐलान किया है. बताया जाता है कि शिवसेना से विवाद के चलते बीजेपी ने किरीट सोमैया को उत्तर-पूर्व मुंबई से न उतारने का फैसला किया.

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सोनिया-मुलायम के खिलाफ ये हैं उम्मीदवार

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रत्याशियों की 16वीं लिस्ट जारी कर दी है. उम्मीदवारों की नई सूची में रायबरेली और मैनपुरी से भी प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं. बता दें कि रायबरेली से सोनिया गांधी तो मैनपुरी से सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव चुनाव मैदान में हैं. ऐसे में बीजेपी ने सोनिया गांधी और मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी प्रत्याशी उतार दिए हैं. सोनिया गांधी के खिलाफ बीजेपी ने दिनेश प्रताप सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं, मैनपुरी से प्रेम सिंह शाक्य मुलायम सिंह यादव को चुनौती देंगे. बीजेपी ने इसके अलावा इस बार के चुनावी समर में अखाड़ा बने फिरोजाबाद से भी उम्मीदवार उतार दिए हैं. भाजपा ने इस सीट से चंद्र सिंह जादौं को टिकट दिया है. बता दें कि इस सीट पर रिश्ते में चाचा-भतीजा शिवपाल यादव और अक्षय पहले से ही चुनाव मैदान में हैं.

आजमगढ़ का मुकाबला दिलचस्प

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बीजेपी ने आजमगढ़ से भी उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है. इस सीट से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ने का फैसला किया है. बीजेपी ने इस सीट से लोकप्रिय भोजपुरी गायक दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को उतारने का फैसला किया है. इसके अलावा बीजेपी ने मछलीशहर (आरक्षित) सीट से वीपी. सरोज को चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान किया है. समीकरणों की बात करें तो निरहुआ के लिए जीत की राह आसान नहीं होगी. एसपी, बीएसपी और रालोद के गठबंधन के बाद अखिलेश यादव के मैदान में उतरने के बाद आजमगढ़ में ‘लाठी-हाथी और 786 एक साथ चलेंगे’ के नारे सुनाई दे रहे हैं. बता दें, आजमगढ़ में यादव, मुस्लिम और दलित समुदाय की आबादी ज्यादा है. यह सभी सपा और बसपा के पारंपरिक वोटर माने जाते हैं.

आज़मगढ़ का सियासी गणित

2014 में इस सीट से सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव मैदान में उतरे थे. उन्हें उनके ही शागिर्द रहे रमाकांत यादव ने कड़ी टक्कर दी थी. मुलायम को 3.40 लाख और रमाकांत को 2.77 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर बीएसपी के गुड्डू जमाली 2.66 लाख वोट पाकर रहे थे. इस बार रमाकांत यादव के साथ मुलायम सिंह यादव भी मैदान में नहीं हैं. इस बार आजमगढ़ से खुद अखिलेश यादव ने उतरने का फैसला लिया है.