Benefits Of Curry Leaves – खाने के स्वाद को बढ़ाने के अलावा करी पत्ता में हैं ये गुण

benefits of curry leaves
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Benefits Of Curry Leaves-कढ़ी पत्ता या मीठा नीम। सब्जी,रसम, सूप हो या दाल-चावल- इसका छौंक कमाल की सुगंध देता है। यह मसाला परंपरागत रूप से दक्षिण भारतीय व्यंजनों में डाला जाता है। लेकिन अब पूरे भारत समेत दुनियाभर में इसका इस्तेमाल हो रहा है। स्वाद में बढ़ोतरी के अलावा यह महत्वपूर्ण औषधि भी है। संस्कृत में कृष्णा निंबा कहते हैं लेकिन यह नीम की प्रजाति का नहीं बल्कि नींबू के नजदीक है। कढ़ी पत्ता तांबा, खनिज, कैल्शियम, फास्फोरस, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, आयरन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। इसकी पत्तियों को सुखाकर, तलकर या फिर ताजी ही खा सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, पाचन व लीवर की समस्या, बालों के झड़ने, आंखों के रोगों, वजन बढ़ने व एनीमिया संबंधी मामलों में कढ़ी पत्ते का सेवन लाभकारी माना जाता है। इसकी पत्तियों को एंटीऑक्सिडेंट्, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-कार्सिनोजेनिक और हेपेटोप्रोटेक्टिव (Antioxidant, anti-inflammatory, anti-microbial, anti-carcinogenic and hepatoprotective) गुणों वाला माना जाता है। जानिये उपयोग कैसे करें इसका –

Benefits Of Curry Leaves-चाय

कढ़ी पत्ते की चाय (curry leaves tea) बनती है। जिसके सेवन से फैट बर्न करने में मदद मिलती है। यह चाय बनाने के लिए कढ़ी पत्ते को धोकर पानी में 5 मिनट तक उबालें। चाय को छानने के बाद नींबू रस व एक चम्म्च शहद डालकर पीयें।

ताजी पत्तियां चबाना

कढ़ी पत्ते को सुबह चबाना सांस में बदबू भी रोकने में सहायक है। खाली पेट चबाने या खाने से भोजन का पाचन बेहतर होता है। एंजाइम एक्टिव हो जायेंगे। वहीं वजन भी नियंत्रित रहेगा।

बालों में मसाज

इसे कढ़ी पत्ते को नारियल तेल में डालकर करीब 10 मिनट गर्म करें। यह तेल हाथों से बालों में लगाएं और मसाज करें। कुछ देर बाद बालों शैंपू कर लें।

Benefits Of Curry Leaves-चटनी

  • नाश्ते में कढ़ी पत्ते की चटनी बनाकर रोटी के साथ खाने से शुगर रोग में फायदा होता है। नमक, मिर्च स्वादानुसार डालें।
  • शहद के साथ लगाना- माउथ अल्सर हो जाये तो शहद के साथ मिलाकर कढ़ी पत्ते को छालों पर अप्लाई करने से राहत मिलेगी।

फेस पैक

चेहरे का रुखापन, मुंहासे व झुर्रियां हटाने के लिए कढ़ी पत्ते का फेस पैक कारगर माना जाता है। इसे तैयार करने के लिए कढ़ी पत्ते को सुखाकर पीस लें। उसमें मुल्तानी मिट्टी, चंदन और नारियल तेल मिला लें। ध्यान रखें यह पेस्ट ज़रा सख्त रहे।
इस पैक को फेस पर लगाएं। सूख जायें तो मुंह धो लें।

Benefits Of Curry Leaves- रोगों की एक दवा

शरीर में एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ना कई रोगों की जड़ है जिसे कम करने में कढ़ी पत्ता मददगार है। बल्कि यह एचडीएल को बढाकर स्वास्थ्य बेहतर करता है। खासकर हृदय रोग से बचाव कर देता है। शुगर को को भी कंट्रोल करता है। वहीं यह रेचक गुण वाली औषधि हाजमा दुरुस्त करती है। बालों के ज्यादा टूटने, फंगल इन्फेक्शन व डैंड्रफ के इलाज में लाभदायक माना जाता है। इसकी पत्तियों में टैनिन और कार्बाज़ोल अल्कलॉइड मौजूद हैं लीवर की फंक्शनिंग को बेहतर बनाती है। विटामिन ए से भरपूर कढ़ी पत्ते का सेवन आंखों के कई विकारों को दूर करने व बचाव में भी सहायक है। वहीं कढ़ी पत्ता बैक्टीरिया को खत्म कर संक्रमण ठीक करता है। वहीं शरीर में जमा चर्बी से छुटकारा दिलाता है। बॉडी में आयरन और फोलिक एसिड की पूर्ति करता है जिससे खून की कमी दूर होती है। इस पत्ते को कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के प्रभाव को कम करने में भी यूज किया जाता है।

ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक

कढ़ी पत्ता हानिकारक नहीं है लेकिन कुछ हालात में या ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। प्रतिदिन 2 ग्राम यानी 8-10 पत्तियों तक ही सामित रखें।
एलर्जिक लगे तो सेवन बंद कर दें। डायबिटीज कंट्रोल करने वाला माना जाता है लेकिन अधिक मात्रा में खाने से ब्लड शुगर लो हो सकता है। पेस्ट या इसके तेल से एसिडिटी हो सकती है।
वहीं गर्भवती महिलाएं डाक्टर की राय लेकर ही उपयोग करें। यदि बाजार से लाये हैं तो 10-15 मिनट भिगोने के बाद यूज करें।

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