वाराणसी संसदीय सीट का मिजाज़, जानें किस पार्टी को कब मिली जीत

banaras loksabha
वाराणसी संसदीय सीट यूपी की उन सीटों में से एक है जिसने देश को प्रधानमंत्री दिये। 
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोेकसभा सीट है। लिहाजा इस बार भी देशभर के लोगों की इस पर नजर रहेगी। 2014 में नरेंद्र मोदी ने जिन दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ा था, उनमें एक वाराणसी और दूसरा गुजरात की वडोदरा सीट थी।
banaras 2
वह जीते तो दोनों स्थानों से थे, मगर जब एक सीट खाली करने की बारी आयी, तो उन्होंने इसके लिए वडाेदरा को चुना और वहां से इस्तीफा दे दिया था। वाराणसी सीट से प्रतिनिधित्व उन्होंने कायम रखी। नरेंद्र मोदी के यहां से सांसद बने रहने से वाराणसी यूपी के उन नौ संसदीय क्षेत्रों में शामिल हो गया, जिन्होंने देश को प्रधानमंत्री दिये।

कौन कब रहे सांसद

रघुनाथ सिंह (कांग्रेस) : 1952, 1957, 1967
सत्यनारायण सिंह (सीपीआइएम) : 1967
राजाराम शास्त्री : 1971
चंद्रशेखर (बीएलडी) : 1977
कमलापति त्रिपाठी (कांग्रेस) : 1980
श्याम लाल यादव (कांग्रेस) : 1984
अनिल शास्त्री (कांग्रेस) : 1989
श्रीस प्र जायसवाल (भाजपा) : 1991,1996,1999
राजेश कु मिश्र (कांग्रेस) : 2004
मुरली मनोहर जोशी (भाजपा) : 2009
नरेंद्र मोदी (भाजपा) : 2014

देश को मिले ये प्रधानमंत्री

banaras
लिहाजा इसकी राजनीतिक अहमियत वही हो गयी, जो कभी फुलपुर, इलाहाबाद, रायबरेली, बागपत, अमेठी, बलिया और लखनऊ की थी। इन सीटों से चुनाव जीत कर प्रधानमंत्री बनने वालों में  नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रसाद सिंह और अटल बिहार वाजपेयी थे।
वाराणसी वैसे भी देश की खास लोकसभा सीटों में शामिल रही है। अब तक 16 बार हुए आम चुनावों में जहां कांग्रेस सात बार यहां से जीती, वहीं भाजपा ने छह बार इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। बाकी तीन बार वोटरों ने सीपीआइ (एम), बीएलडी और जनता दल को एक-एक बार मौका दिया।
इस सीट से जहां कांग्रेस के कद्दावर नेता कमलापति त्रिपाठी एक बार (1980) सांसद चुने गये, वहीं भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं में मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी को भी अब तक एक-एक बार प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है। शेष चार बार (1991 से 1999 तक) इस पार्टी के एसपी जायसवाल यहां के सांसद रहे। जायसवाल इस सीट से अब तक सबसे ज्यादा बार जीतने वाले नेता रहे हैं।
किस पार्टी को कितनी बार मिली जीत
कांग्रेस——–07
भाजपा——–06
सीपीआईएम—01
बीएलडी——-01
जद ———–01