ममता के करीबी ने छोड़ा साथ, भाजपा के हुए ‘अर्जुन’

arjun singh

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ममता के करीबी माने जाने वाले अर्जुन सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये हैं. भाटपाड़ा के तृणमूल विधायक अर्जुन सिंह ने गुरुवार को बीजेपी को अपना लिया। बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय सचिव मुकुल रॉय और सांसद सौमित्र खान की मौजूदगी में अर्जुन सिंह ने नयी दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ली। उन्होंने कहा कि ममता ने पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया है। अब ‘मां माटी, मानुष’ का अर्थ केवल ‘मनी, मनी और मनी’ रह गया है।

दिनेश त्रिवेदी के लिए काटा टिकट

अर्जुन सिंह लगातार चार बार से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंचे हैं। वह भाटपाड़ा के कद्दावर नेता माने जाते हैं. अर्जुन सिंह भाटपाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन हैं। वह बैरकपुर संसदीय सीट से लोकसभा पहुंचना चाहते थे, लेकिन ममता बनर्जी ने दिनेश त्रिवेदी को टिकट देने की घोषणा कर दी।

बागी तेवर दिखा रहे थे

इसके बाद से ही अर्जुन सिंह पार्टी और पार्टी सुप्रीमो से क्षुब्ध थे। साथ ही उन्होंने भाजपा में जाने की कवायद भी शुरू कर दी। इस अवसर पर मुकुल रॉय, जो खुद तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, ने कहा कि सिंह के उनके साथ आने से पार्टी और मजबूत होगी। बड़ी संख्या में भाजपा के सांसद चुन कर आयेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ मजबूत करेंगे।

आतंकी हमले पर ममता के बयान से नाराज़

अर्जुन सिंह ने कहा, ‘30 साल तक ममता बनर्जी के साथ काम किया। आतंकी हमले में 40 जवानों के मारे जाने के बाद ममता बनर्जी ने जो बयान दिया, उससे पूरा देश हिल गया था। उनका बयान देशहित में नहीं था।’
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित सांसद अनुपम हाजरा तथा कुछ और नेता कुछ ही दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए हैं। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौमित्र खान भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं.