Kotkhai Gudiya Rape-Murder मामले में दोषी अनिल कुमार उर्फ़ नीलू को उम्र कैद की सजा

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बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या मामले (Kotkhai Gudiya Rape-Murder) में दोषी ठहराए गए अनिल उर्फ नीलू को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। शिमला में सीबीआई की विशेष अदालत ने आज दोषी को ये सजा सुनाई। सजा शिमला के जिला व सत्र न्यायधीश राजीव शर्मा ने सुनाई। गुड़िया दुष्कर्म व हत्या (Gudiya Murder Case ) मामले ने न केवल हिमाचल में बड़ा राजनीतिक रूप लिया था बल्कि प्रदेश में वर्ष 2017 में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने और भाजपा को सत्ता में बिठाने का एक बड़ा कारण भी बना था। अभियुक्त नीलू को मंगलवार को विशेष अदालत में पेश किया गया था और जिला व् सत्र न्यायधीश राजीव भारद्वाज के समक्ष दोषी की सज़ा को लेकर अभियोजन व बचाव पक्ष के वकीलों के बीच बहस हुई थी।

Kotkhai Gudiya Rape-Murder-मामला रेयर ऑफ रेयरेस्ट-court

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अभियोजन की ओर से सीबीआई के अधिवक्ता ने बहस करते हुए अदालत से कहा था कि यह मामला रेयर ऑफ रेयरेस्ट है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उन्होंने अदालत से आरोपी को मृत्युदंड की सजा देने का आग्रह किया था। वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा था कि रेयर ऑफ रेयरेस्ट का मामला नहीं बनता है और मृत्युदण्ड की बजाय उम्र कैद या कैद की सज़ा दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश राजीव भारद्वाज ने सज़ा सुनाने के लिए आज 18 जून की तारीख तय की थी।

नीलू को दुष्कर्म व हत्या का दोषी करार दिया

अदालत ने 28 अप्रैल 2021 को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और बच्चों के यौन अपराध से संरक्षण कानून ;पॉक्‍सो अधिनियिम की धारा 4 के तहत नीलू को दुष्कर्म व हत्या का दोषी करार दिया था। अदालत ने पहले 11 मई को दोषी को सजा सुनाने की तिथि निर्धारित की थी लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण मामले की सुनवाई 18 मई को बढ़ा दी थी। 18 मई को सुनवाई 28 मई तीन जून आठ जून और फिर 15 जून को आगे बढ़ा दी गई।

यह था मामला

उल्लेखनीय है कि ऊपरी शिमला के कोटखाई इलाके के हलाईला जंगल में 4 जुलाई 2017 को ये जघन्य वारदात हुई थी। 4 जुलाई 2017 को एक छात्रा स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी। 6 जुलाई 2017 को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का शव मिला। जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। छात्रा को बड़ी बर्बरता से मौत के घाट उतारा गया था। गुड़िया के साथ दरिंदगी की इस वारदात के खिलाफ जबरदस्‍त जनाक्रोश देखने को मिला था। लोगों ने तब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन किया था। छानबीन के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हो गयी थी। बाद में इस मामले में एक नया मोड़ आया और शेष सभी 4 आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया।

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Kotkhai Gudiya Rape-Murder

आरोपी सूरज की हिरासत में हत्या पर आक्रोशित लोगों का पुलिस पर गुस्सा फूटा और भीड़ ने कोटखाई थाने को आग के हवाले कर दिया था। बाद में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई के सुपुर्द कर दी। सीबीआई ने गुड़िया हत्या व दुष्कर्म और सूरज हत्याकांड में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। सीबीआई ने सूरज हत्याकांड में आईजी ज़हूर ज़ैदी सहित 9 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था।

नीलू को अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया था

सीबीआई ने डीएनए परीक्षण के आधार पर अप्रैल, 2018 को नीलू नामक लकड़हारे (चरानी) को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने मामले की जांच के दौरान कोटखाई और आसपास के गांवों के सैकड़ों लोगों से पूछताछ की थी तथा बड़ी संख्या में लक्कड़हारों के खून के नमूने भी लिए गए थे। इस मामले में सीबीआई ने 55 गवाहों के बयान दर्ज किए।

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