अब खाने की चीजों पर एंड्रॉयड के नाम नहीं रखेगा गूगल

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अब खाने की चीजों पर एंड्रॉयड के नाम नहीं रखे जाएंगे। अगर आपको पता है कि अब तक गूगल एंड्रॉयड का नामकरण किसी खाने की चीज़ पर करता आया है तो यह खबर आपके लिये है। इंटरनेट कंपनी गूगल अब अपने ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड के नये संस्करणों का नाम किसी खाद्य पदार्थ के नाम पर नहीं रखेगी. अब इसे सीधे उसके संस्करण की संख्या से जाना जाएगा.

अब खाने की चीजों पर एंड्रॉयड का नाम नहीं

अब तक कंपनी विभिन्न तरह की मीठे खाद्य पदार्थों के नाम पर इसका नाम रखती रही है. गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उसकी इंजीनियरिंग टीम ने सभी संस्करणों के लिए हमेशा आंतरिक कोड का इस्तेमाल किया है. यह वर्णमाला के आधार पर किसी खाद्य पदार्थ का नाम होते थे. उसने कहा, हर साल नामकरण की यह परंपरा लोगों के बीच रुचि पैदा करने की वजह भी बनती है. लेकिन हमें पता चला है कि इन नामों को हमेशा विश्वभर में नहीं समझा जाता है.http://www.indiamoods.com/androids-great-journey-in-the-11th-year-all-names-are-on-alphabetical-order/

अब खाने की चीज़ों जैसे कपकेक, डोनट, इक्लेयर, फ्रोयो नहीं होंगे एंड्रॉयड के नाम
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इससे पहले गूगल के एंड्रॉयड के विभिन्न संस्करणों के नाम कपकेक, डोनट, इक्लेयर, फ्रोयो, जिंजरब्रेड, हनीकॉम्ब, आइसक्रीम सैंडविच, जेली बीन, किटकैट, लॉलीपॉप, मार्शमैलो, नौगट, ओरियो और पाई रहे हैं. एंड्रॉयड 10 का अभी बीटा परीक्षण चल रहा है. इसे साल के अंत में पेश किये जाने का अनुमान है.

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गूगल ने कहा कि कुछ भाषाओं में अंग्रेजी के ‘एल’ और ‘आर’ का साफ उच्चारण नहीं होता है. इससे लॉलीपॉप के उच्चारण में दिक्कतें आती हैं. पाई कई जगहों में खाद्य पदार्थ नहीं है. इसी तरह मार्शमैलो दुनिया के कई हिस्सों में लोकप्रिय नहीं है. एक वैश्विक सेवा प्रदाता होने के नाते यह महत्वपूर्ण है कि ये नाम स्पष्ट हों तथा सभी से जुड़ाव वाले हों. इसी कारण अगले संस्करण को सीधे एंड्रॉयड 10 के नाम से जाना जाएगा.