Aaj Ka Panchang 13 March, अमावस्या के दिन तेल से बचें, आज है युगादि तिथि

अमावस्या के दिन तेल से बचें। अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते
जो व्यक्ति ‪अमावस्या‬ को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामीध्दाता को मिल जाता है।

अमावस्या है आज

दिनांक 13 मार्च 2021
दिन – शनिवार
विक्रम संवत – 2077
शक संवत – 1942
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास – फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार – माघ)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अमावस्या शाम 03रू50 तक तत्पश्चात प्रतिपदा
नक्षत्र – पूर्व भाद्रपद रात्रि 12रू22 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद
योग – साध्य सुबह 07रू55 तक तत्पश्चात शुभ
राहुकाल – सुबह 09रू49 से सुबह 11रू18 तक
सूर्योदय – 06रू50
सूर्यास्त – 18रू46
दिशाशूल – पूर्व दिशा में
व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या, युगादि तिथि
विशेष – अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।

Shani Amavasya Pooja Vidhi : https://www.youtube.com/watch?v=dPl_fQuPEd4

13 मार्च 2021 शनिवार को युगादि तिथि है

जैसे कि हम जानते हैं कि चार युग हैं। यानी सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग, कलियुग ये सभी युग भिन्न भिन्न तिथियों को प्रारम्भ हुए थे। युग़आदि अर्थात युग के आरम्भ होने की तिथि, इसे ही युगादि तिथि कहते हैं अर्थात जिस तिथि को अतीत या भविष्य में एक नया युग आरम्भ हुआ या होगा, वही युगादि तिथि कहलाती है। युगादि तिथियाँ बहुत ही शुभ होती हैं, इस दिन किया गया जप, तप, ध्यान, स्नान, दान, यज्ञ, हवन आदि अक्षय (जिसका नाशध्क्षय न हो) फल होता है। प्रत्येक युग में सौ वर्षों तक दान करने से जो फल होता है, वह युगादि-काल में एक दिन के दान से प्राप्त हो जाता है। नारद पुराण, हेमाद्रि, तिथितत्व, निर्णयसिन्धु, पुरुषचिन्तामणि, विष्णु पुराण और भुजबल निबन्ध में इसका उल्लेख प्राप्त है।

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