Aaj Ka Panchang 4 June Friday, पंचकों में साफ-सफाई से जुड़े Products नहीं खरीदें

पंचांग आपको बताता है हर पहर का शुभ-अशुभ। यह अंधविश्वास नहीं है। लेकिन यह मतलब नहीं कि इसे जानते हुए आप इंसानियत ही खो दें। कई लोग इतने वहमी होते हैं कि अशुभ समय में स्वयं के लिए शुभ कार्य नहीं करेंगे, बल्कि रोते-बिलखते इंसान को रोते हुए छोड़ देंगे। चाहे वह शख्स कितना ही जरूरतमंद हो। मदद इस लिए नहीं करेंगे कि पंचांग में लिखा है कि उक्त समय शुभ या अशुभ कार्य नहीं करना है। अब, यह क्या धार्मिक शख्स कहलाएगा।

आज का पंचांग 4 June’21

  • 🌳 दिनांक 04 जून 2021
  • 🙏🏻 दिन – शुक्रवार 🌞 सूर्योदय – 05:41
  • 🌳 सूर्यास्त – 07:08
  • 🌲 विक्रम संवत – 2078
  • 🌴 संवत्सर का नाम राक्षस
  • 🌳 शक संवत 1943
  • 🦚 अयन – उत्तरायण
  • 🐦 ऋतु – बसंत
  • 🌳 मास 👉 ज्येष्ठ
  • ( गुजरात और महाराष्ट्र के अनुसार वैशाख माह )
  • 🐚 पक्ष – कृष्ण
  • 🌻 तिथि – अष्टमी – दशमी रात्रि 28:08 पश्चात एकादशी
  • चंद्रमा – मीन राशि में
  • राहुकाल – संभव हो तो दिन 10:43 से 12:24 तक शुभ कार्य न करें।
  • दिन का पर्व – नहीं
  • पंचक – पंचक जारी

सौभाग्य और ऐश्वर्य बढ़ाने हेतु

शुक्रवार के दिन जो लोग अपने जीवन में सुख सौभाग्य और ऐश्वर्य को बढ़ाना चाहे वे शुक्रवार का व्रत करें | व्रत मतलब नमक -मिर्च बिना का भोजन ..खीर आदि खा सकते हैं और जप ज्यादा करें |

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Ma Laxmi

धन संपत्ति के लिए हर शुक्रवार को करें लक्ष्मी जी की पूजा

धर्म ग्रंथों के अनुसार, धन लाभ के लिए देवी लक्ष्मी जी की पूजा करना श्रेष्ठ उपाय है। धन की देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्रों और स्तुतियों की रचना की गई है। उन्हीं में से एक है श्रीसूक्त। श्रीसूक्त का वर्णन ऋग्वेद में मिलता है। श्रीसूक्त में सोलह मंत्र हैं। इस सूक्त का पाठ अगर पूरी श्रद्धा से किया जाए तो मां लक्ष्मी जी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।और साधक को धन-संपत्ति प्रदान करती हैं, वैसे तो श्रीसूक्त का पाठ रोज करना चाहिए। समय न हो तो हर शुक्रवार को भी श्रीसूक्त का पाठ कर सकते हैं।

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वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा से जुड़ी खास बातें

वास्तुशास्त्र के अनुसार कभी भी उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन नहीं बनान चाहिए। कहते हैं कि यह बहुत अशुभ होता है। अगर इस दिशा में मुख करके भोजन बनाया जाए तो घर में वाद-विवाद बढ़ जाता है। आर्थिक हानि भी लगातार लगी रहती है। कार्यक्षेत्र में भी आए दिन उच्चाधिकारियों और सहयोगियों के साथ लड़ाई-झगड़ा लगा ही रहता है। पूर्व दिशा में मुख करके भोजन बनाना बहुत शुभ होता है। कहा जाता है कि इस दिशा में मुख करके भोजन बनाने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही माता अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से घर-परिवार के सभी सदस्यों के जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। सभी सेहतमंद रहते हैं।

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