Aaj Ka Panchang 31Mar, गणेश जी की पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी

गणेश जी की पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन होता है। बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है । बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाने तथा रात को सोते समय फिटकरी से दाँत साफ करने से आर्थिक पक्ष मजबूत होता है ।

बुधवार का पंचांग

  • दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। इस दिन गणेशजी की पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
  • विक्रम संवत् 2077 – शर्वरी संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • शक संवत – 1943,
  • कलि संवत 5122
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – सौर वसंत ऋतु
  • मास – चैत्र माह
  • पक्ष – कृष्ण पक्ष
  • तिथि – तृतीया – 14:06 PM तक तत्पश्चात चतुर्थी
  • तिथि के स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है । चतुर्थी तिथि के स्वामी विघ्नहर्ता गणेश जी है ।
  • नक्षत्र – स्वाती – 09:45 AM तक तत्पश्चात विशाखा
  • नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- स्वाति नक्षत्र के देवता वायु और सरस्वती जी और स्वामी राहु जी है।
  • योग – हर्षण – 09:59 AM तक तत्पश्चात व्रज
  • प्रथम करण : – विष्टि -14:06 PM तक
  • द्वितीय करण : – बव – 12:30 AM, 01 अप्रैल तक
  • गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक
  • दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है । इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा/हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
  • राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक ।
  • सूर्योदय – प्रातः 6.12
  • सूर्यास्त – सायं 18.29
  • अभिजित मुहूर्त — कोई नहीं
  • विजय मुहूर्त दोपहर 02.30 पीएम से 03.19 पीएम तक
  • निशिथ काल रात 12.02 एएम से 12.48 एएम तक (1 अप्रैल)
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 06.26 पीएम से 06.50 पीएम तक
  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.39 एएम से 05.25 एएम तक (1 अप्रैल)
  • अमृत काल रात 11:26 पीएम से 12:53 एएम तक (1 अप्रैल)
  • यात्रा शकुन-हरे फल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
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आज का मंत्र, उपाय

आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:। आज का उपाय-मंदिर साबुत मूंग दान करें। वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं। पर्व व त्यौहार- श्री गणेश चतुर्थी व्रत, छत्रपति शिवाजी जयंती ( तिथि के अनुसार), गुरु श्री अंगद देव जयंती। विशेष – तृतीया तिथि में नमक एवं चतुर्थी को मूली का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य माना गया है। चतुर्थी को मूली एवं तिल का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला और आरोग्यकारी तिथि मानी जाती है। इसकी स्वामी माता गौरी और कुबेर देवता हैं, जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।

Ganesh Chalisa : https://www.youtube.com/watch?v=WyHFSjN0miU