Aaj Ka Panchang 30 May Sunday, सूर्य की पूजा करें आज और पाएं मान-सम्मान

सबका भला करते हैं आप। फिर भी मान-सम्मान आपके पास नहीं आता, तो रविवार के दिन सूर्य की पूजा करें। रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।

सूर्य है आत्मा का कारक

रविवार के दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है। रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।

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हर भय से मुक्त करेगा ये मंत्र का जाप

रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।

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जानें आज का पंचांग

  • 🔮 विक्रम संवत् 2078 आनन्द, विक्रम सम्वत संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • 🔯 शक संवत – 1943,
  • ☸️ कलि संवत 5122
  • ☣️ अयन – उत्तरायण
  • 🌦️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
  • 🌤️ मास – ज्यैष्ठ माह
  • 🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष,
  • 📆 तिथि – पञ्चमी – 31 मई 02:12 तक तत्पश्चात् षष्ठी
  • 📝 पञ्चमी तिथि के स्वामी नाग देवता और षष्टी तिथि के स्वामी भगवान शंकर के पुत्र भगवान कार्तिकेय जी है।
  • 💫 नक्षत्र – उत्तराषाढा – 16:42 तक तत्पश्चात श्रवण
  • 🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- उत्तराषाढा नक्षत्र के देवता रवि जी है ।
  • 📢 योग – शुक्ल – 08:31 तक तत्पश्चात ब्रह्म
  • ⚡ प्रथम करण : – कौलव – 15:02 तक
  • ✨ द्वितीय करण : – तैतिल – 26:12+ तक
  • 🔥 गुलिक काल : – अपराह्न – 3:00 से 4:30 तक ।
  • ⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
  • 🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक ।
  • 🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:53
  • 🌅 ₹सूर्यास्त – सायं 18:33_
  • 🌟 अभिजित मुहूर्त पूर्वान्ह 11:51 एएम से 12:46 पीएम तक
  • 🔯 विजय मुहूर्त दोपहर 02.37 पीएम से 03.32 पीएम तक
  • 🗣️ निशिथ काल रात 11.58 पीएम से 12.39 एएम तक (31 मई)
  • 🐃 गोधूलि मुहूर्त शाम 07.00 पीएम से 07.24 पीएम तक
  • 👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.03 एएम से 04.43 एएम तक (31 मई)
  • 💧 अमृत काल सुबह 10:40 एएम से 12:10 पीएम तक
  • ⭐ रवि योग — सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 05:24 एएम से 04:42 पीएम तक
  • 🚓 यात्रा शकुन- इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।

आज का मंत्र, उपाय और पर्व

आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:। आज का उपाय-किसी मंदिर में मसूर की दाल दान करें। वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। विशेष – पञ्चमी को बिल्वफल एवं षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद एवं शुभ तिथि मानी जाती है। इसके स्वामी नागराज वासुकी हैं तथा पूर्णा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।

Raviwar Vrat Katha : https://www.bharatdarshan.co.nz/myth/12/sunday.html