Aaj Ka Panchang 23 Feb, आज है जया एकादशी, हनुमान जी की आज भक्ति करें

Aaj Ka Panchang। पंचांग से आप अच्छे दिन का आरंभ कर सकते हैं। यानी सुबह से लेकर रात तक हर पहर की बारीक से बारीक जानकारी देता है Aaj Ka Panchang। क्यों है ना अच्छे दिन का बेस्ट स्टार्टिंग प्वाइंट।

Aaj Ka Panchang

मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है। मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी, लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं। हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नजर की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।

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मंगलवार का व्रत रखें

मंगलवार के व्रत से सुयोग्‍य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है। मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव
की आराधना करने से जातक को मुकदमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है, मांगलिक दोष दूर होता है।
Jaya Ekadashi 2021: https://www.youtube.com/watch?v=obqyfZH8zEg

Aaj Ka Panchang, Panchang का विवरण

  • विक्रम संवत् – 2077 शर्वरी संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • शक संवत – 1942
  • कलि संवत – 5122
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – सौर बसंत ऋतु
  • मास – माघ माह
  • पक्ष – शुक्ल पक्ष
  • तिथि – एकादशी
  • तिथि के स्वामी – एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी और द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री विष्णु जी है।
  • नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी – आद्रा नक्षत्र के देवता रुद्र (शिव) और नक्षत्र के स्वामी राहु जी है ।
  • गुलिक काल – दोपहर 12.00 से 01.30 तक है।
  • दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है। यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
  • राहुकाल – दिन – 3.00 से 4.30 तक (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)।
  • सूर्योदय – प्रातः 06.38
  • सूर्यास्त – सायं 18.21
  • अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12.12 से 12.57 तक
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 06.06 से 06.30 तक
  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05.11 से 06.01 तक
  • यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।

आज का मंत्र और उपाय

आज का मंत्र –ॐ अं अंगारकाय नमरू। आज का उपाय-मंदिर में श्रीफल सहित दीपदान करें। वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं। पर्व व त्यौहार- जया एकादशी, भैमी एकादशी (बंगाल)। एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये ये इन तिथियों में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।