Panchang 20 March, शनिवार शाम को जलाएं दीपक, समस्त ग्रह दोषों का होगा अंत

दीपक अंधेरे को मिटाता है। यदि विधि-विधान से शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाया जाए, तो समस्त ग्रह दोषों का नाश होता है।

दीपक और शनिवार की महिमा

शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है। पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है। शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।

हर क्षण, हर घटक पर पैनी नज़र

  • विक्रम संवत् – 2077 शर्वरी संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • शक संवत – 1942,
  • कलि संवत – 5122
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – सौर वसंत ऋतु
  • मास – फाल्गुन माह
  • पक्ष – कृष्ण पक्ष,
  • तिथि : सप्तमी – पूर्ण रात्रि तक
  • तिथि का स्वामी – सप्तमी के स्वामी भगवान सूर्य देव जी हैं।सप्तमी के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं। इस दिन आदित्यह्रदय स्रोत्र का पाठ अवश्य करें।
  • नक्षत्र – रोहिणी – 16:46 PM तक तत्पश्चात मॄगशिरा
  • नक्षत्र के स्वामी – रोहिणी नक्षत्र के देवता ब्रम्हा और स्वामी चंद्र देव जी है ।
  • योग – प्रीति – 11:58 AM तक तत्पश्चात आयुष्मान
  • प्रथम करण : – गर – 18:02 PM तक
  • द्वितीय करण : – वणिज – पूर्ण रात्रि तक
  • गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
  • दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
  • राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।
  • सूर्योदय – प्रातः 06:20
  • सूर्यास्त – सायं 18:27
  • अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04 PM से 12:53 PM तक
  • विजय मुहूर्त दोपहर 02.30 PM से 03.18 PM तक
  • निशिथ काल रात 12.05 AM से 12.52 AM तक (21 मार्च)
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 06.20 PM से 06.44 PM तक
  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.49 AM से 05.36 AM तक (21 मार्च)
  • अमृत काल दोपहर 01:10 PM से 02:58 PM तक
  • द्विपुष्कर योग शाम 04:46 PM से 06:24 AM तक
  • प्रीति योग- दोपहर पहले 11 बजकर 57 मिनट तक
  • रवि योग- शाम 4 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
  • रोहिणी नक्षत्र – शाम 4 बजकर 46 मिनट तक
  • यायीजयद योग- मुकदमा दायर करने या अपनी बात रखने के योग सुबह सूर्योदय से शाम 4 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
  • सर्वार्थसिद्धि योग- सारे काम बनाने वाले योग पूरा दिन पूरी रात तक
  • यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।

    Hanuman Chalisa Full By Shekhar Ravjiani : https://www.youtube.com/watch?v=sX2bYV6nSy4

आज का मंत्र, आज का उपाय

आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:। आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती चढाएं। वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं। पर्व व त्यौहार-विषुव दिवस। सप्तमी तिथि को आँवला एवं अष्टमी को नारियल त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद एवं शुभ तिथि मानी जाती है। इस तिथि के स्वामी भगवान सूर्य हैं तथा भद्रा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है एवं सभी कामनाओं की पूर्ति होती।

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