Thursday को ना तो सर धोएं, ना शरीर में साबुन लगाकर नहाएं, Panchang 1 April’21

Thursday के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । Thursday को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए । ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है । गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।

Thursday के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । Thursday के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । Thursday को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ।

Thursday को करें यह उपाय अड़चने भागती हैं

  • विक्रम संवत् 2078 आनन्द, विक्रम सम्वत संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • शक संवत – 1943,
  • कलि संवत 5122
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – सौर वसंत ऋतु
  • मास – चैत्र माह
  • पक्ष – कृष्ण पक्ष,
  • तिथि – चतुर्थी – 10:59 AM तक तत्पश्चात पंचमी
  • तिथि का स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी विघ्नहर्ता गणेश जी और पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी है ।
  • नक्षत्र – विशाखा – 07:22 AM तक तत्पश्चात अनुराधा।
  • नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्राग्नी (इंद्र और अग्नि) और स्वामी बृहस्पति देव जी है।
  • योग :- वज्र – 06:14 AM तक तत्पश्चात सिद्धि
  • प्रथम करण :-बालव – 10:59 AM तक
  • द्वितीय करण :- कौलव – 09:34 PM तक
  • दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
  • राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक।
  • सूर्योदय – प्रातः 06:16
  • सूर्यास्त – सायं 18:28
  • अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 पीएम से 12:50 पीएम तक
  • विजय मुहूर्त दोपहर 02.30 पीएम से 03.20 पीएम तक
  • निशिथ काल रात 12.01 एएम से 12.48 एएम तक (2 अप्रैल)
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 06.26 पीएम से 06.50 पीएम तक
  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.39 एएम से 05.25 एएम तक (2 अप्रैल)
  • अमृत काल रात 107:48 पीएम से 09:16 पीएम
  • सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:22 एएम से 05:19 एएम तक
  • यात्रा शकुन- बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।

    बृहस्पतिवार व्रत कथा : https://www.youtube.com/watch?v=puAOe-Gg6gY

आज का मंत्र

आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:। आज का उपाय-मंदिर में बेसन से बनी मिठाई चढाएं। वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। पर्व व त्यौहार- श्री भगवान नारायण जयंती, वित्तीय वर्ष प्रारंभ, उत्कल स्थापना दिवस, भारतीय रिज़र्व बैंक स्थापना दिवस, अप्रैल फूल (मूर्ख) दिवस। विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।

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यह भी कारगर हैं

गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।इस उपाय को करने से कार्यो में अड़चने दूर होती है, भाग्य चमकने लगता है, बृहस्पति देव की कृपा मिलती है। यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।