वसुंधरा राजे के खिलाफ लड़ेंगे मानवेन्द्र/ Jaswant Singh’s son Manvendra Singh will fight against CM Vasundhara

एक महीने पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस के खेमें में गये पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र सिंह वसुंधरा राजे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे। चुनावी मैदान में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ पिछले मानवेन्द्र सिंह को झालरापाटन विधानसभा सीट पर उतारकर इस चुनावी मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है।

मानवेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता रहे जसवंत सिंह के बेटे हैं और पिछले महीने बीजेपी का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस मानवेंद्र के बहाने बीजेपी के पारम्परिक राजपूत वोट में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। यहां 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है।

 

झालरापाटन से सीएम का पुराना रिश्ता

कुछ समय पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा था कि झालरापाटन सीट से उनका रिश्ता 30 साल पुराना है। वसुंधरा इस सीट से चौथी बार उम्मीदवार हैं। सीएम वसुंधरा ने पहली बार इस सीट से 2003 में चुनाव लड़ा था। इसके पहले वह झालवाड़ से सांसद थीं। वसुंधरा कहती आई हैं कि यहां के मतदाताओं के लिए वह मां और बहन समान हैं।

2003 से जीत रहीं हैं वसुंधरा

पिछले विधानसभा चुनाव में झालावाड़ सीट से राजे ने कांग्रेस की मीनाक्षी चंद्रावत को 60896 वोट से हराया था। राजे को 114384 और मीनाक्षी को 53488 वोट मिले थे। मीनाक्षी चंद्रावत हरीगढ़ के पूर्व महाराजा धनसिंह चंद्रावत की बेटी हैं। इससे पहले 2008 में राजे कांग्रेस के मोहन लाल को हराया था। 2003 में भी इस सीट से जीत दर्ज की थी।

मानवेंद्र बाड़मेर जिले की शिव सीट से भाजपा विधायक थे। हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस की 32 प्रत्याशियों की शनिवार को जारी हुई दूसरी सूची में उनका नाम है। वहीं, भाजपा ने भी तीसरी सूची जारी की है। इसमें आठ उम्मीदवारों के नामों में टिकट की प्रबल दावेदार मानी जा रही जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी का नाम नहीं हैं।

दीया कुमारी का टिकट काटकर जिन आशा मीणा को प्रत्‍याशी घोषित किया गया है, वह पूर्व प्रधान हैं। दीया कुमारी को झोटवाड़ा से टिकट देने पर पार्टी विचार कर रही थी, लेकिन दीया कुमारी ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि वह चुनाव लड़ेंगी तो सिर्फ और सिर्फ सवाई माधोपुर से। दीया कुमारी का कहना था कि उन्‍होंने अपने कार्यकाल के दौरान सवाई माधोपुर में काफी विकास कार्य कराए हैं, ऐसे में किसी और सीट चुनाव लड़ने का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

केएल मीणा ने कटाया टिकट

बताया जा रहा है कि दीया का टिकट किरोड़ीलाल मीणा ने कटवाया है। दीया कुमारी ने अपनी दादी और पूर्व राजमाता गायत्री देवी के नक्‍शेकदम पर चलकर राजनीति में आने का फैसला लिया था। उन्‍होंने 2013 में बीजेपी की सदस्‍यता ग्रहण की थी।

राजस्थान में 200 सीटें हैं। 19 नवंबर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है। 7 दिसंबर को मतदान है।
– वसुंधरा ने झालरापाटन से नामांकन दाखिल कर दिया। उनके साथ बहू निहारिका और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन मौजूद थे।

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