भारी पड़ सकता है सर्दी को हल्के में लेना

 

 सिरदर्द की समस्या हर किसी को लगभग हर मौसम में होती हैलेकिन सर्दी के मौसम मे सिरदर्द को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। सामान्य लोगों के अलावा माइग्रेन से ग्रस्त लोगों को सर्दी के मौसम का सिरदर्द काफी नुकसानदायक साबित होता है। ऐसे में जरूरी है कि सर्दी के मौसम में स्वयं को ठंड से बचाए रखा जाए,जिससे माइग्रेन,अधकपारी जैसी समस्या से बखूबी निपटा जा सके। सिरदर्द के अलावा डिप्रेशन जैसी शिकायतें भी सर्दी के मौसम में बढ़ जाती हैंजिसे सही तरीके अपनाकर आसानी से ठीक किया जा सकता है।

क्या होता है सिरदर्द

आमतौर पर शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द की शिकायत होना आम बात है लेकिर सिर या सिर के आसपास जैसे कनपटी के पास,माथे पर,गालों पर,सिर के अगले या पिछले हिस्से में होने वाला दर्द सिरदर्द कहलाता है। सिर के आधे हिस्से में होने वाले सिरदर्द अधकपारी या माइग्रेन के अलावा पूरे सिर में एक साथ होने वाले दर्द यानि क्लटर दर्द थकावट या तनाव के कारण होता है,जिसका सही तरीके से इलाज किया जाना बेहद जरूरी है। सिर के किसी बिशेष हिस्से में असहनीय दर्द का कारण माइग्रेन या अधकपारी होता है। इस स्थिति में शिकार व्यक्ति का जी मिचलाता है और उसे उल्टी की शिकायत होती है। इसके अलावा साइनस से पीडि़त व्यक्ति को सिर के अतिरिक्त चेहरे की हड्डियों और नाक में भी दर्द की शिकायत रहती है। सर्दी के मौसम में अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो सिरदर्द की परेशानी से बचा जा सकता है                      

                                                                                                                                                        

   बचाव के उपाय                                          

आमतौर पर सर्दी के मौसम में सिर दर्द की शिकायत की मुख्य वजह ठंड लगना माना जाता है। इससे बचने के लिए ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिससे शरीर में गर्मी आए। शरीर की गर्मी बनाए रखने में अजवाइन प्रभावी साबित होती है। ऐसे में रात में एक चम्मच अजवाइन को पानी में भिगो दें और सुबह इस पानी को उबाल कर खाली पेट पी जाएं। इससे शरीर गर्म बना रहेगा। घर से बाहर निकलते समय कान को मफलर से बांधकर रखें और गर्म कपड़े पहनें,जिससे शरीर की गर्मी बनी रहे। इस मौसम में बादाम और देशी अंडे का सेवन भी लाभकारी सिद्ध होता है।              

माइग्रेन साइनस की शिकायत के लिए तनाव को भी काफी जिम्मेदार माना जाता है। इस स्थिति से बचकर भी इसकी शिकायत से बचा जा सकता है। आमतौर पर तनाव का कोई भी कारण हो सकता है। बच्चों की पढ़ाई,नौकरी का कोई भी कारण,बीमारी आदि भी सिरदर्द के कारण बन जाते हैं। जर्नल ऑफ क्लिनिकल स्लीप मेडिसिन के अनुसार ठीक से सो पाना भी सिरदर्द का बड़ा कारण माना जाता है। इससे बचने के लिए शरीर को तनावमुक्त रखें। खुश रहें और अपने आप को व्यस्त रखें।

सर्दी के मौसम में डिप्रेशन का शिकार होना भी एक बड़ा कारण बन रहा है। इसका कारण बाहर की सक्रियता का कम होना माना जाता है। सर्दी के कारण लोग घर में रहना पसंद करते हैं,जिससे खालीपन पनपता है और लोग चाहते हुए भी डिप्रेशन के शिकार बन जाते हैं। डिप्रेशन से बचने के लिए आप अपने शरीर में विटामिन डी की कमी होने दें। धूप में बैठें और वसायुक्त चीजों का सेवन करें। दूध,घी,पनीर आदि का सेवन इसमें लाभकारी होता है। सिरदर्द से बचने में लोगों से मिलते जुलते रहना भी प्रभावी भूमिका निभाता है।

प्रस्तुतिः अंजेश कुमार

एम्स,नई दिल्ली से जुड़े डॉक्टर एस.सी.शर्मा से बातचीत पर आधारित।

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