फिज़ूलखर्ची में क्या रखा है ?/ wasting-money-on- marriages-is right-or-wrong

फिल्म स्टार्स और बड़ी हस्तियां हर किसी के लिये रोल मॉडल का काम करते हैं। खासकर सितारों और बालीवुड का नशा युवाओं के सिर चढ़कर बोलता है। लड़की हो या लड़का हर कोई उनके जैसे दिखना चाहता है। ड्रैसअप करना चाहता है। युवा उनके मेकअप और बातचीत का अंदाज़ तक कॉपी करना चाहते हैं, खुद को स्टालिश दिखाने के लिये हर एक तरीके अपनाते हैं।फिर जब बात शादी की आती है तो शुरू हो जाती है परिधानों की खोज-खबर। किसने अपनी शादी में कौन से डिज़ाइनर का लहंगा पहना था ? ज्वैलरी कैसी थी? मेन्यू में क्या था और वेन्यू कहां और कैसा था? इन तमाम बातों की पड़ताल करने के बाद ही युवा पीढ़ी अपनी वेडिंग प्लान करते हैं। वैसे इन दिनों जो नया चलन है वह डेस्टिनेशन वेडिंग का है। सितारे तो डेस्टिनेशन वेडिंग का रुख कर ही रहे हैं हमारे युवा भी पीछे नहीं हैं।

शादियों की भव्यता अब संपन्न परिवारों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि यह मध्यमवर्गीय परिवारों तक भी पहुंच चुकी है।फिर भले ही इस भव्यता के शामियाने ‘लोन’ लेकर ही खड़े किए गए हों या फिर जिंदगी भर मेहनत से की गई गाढ़ी कमाई से।

शादी तो एक ऐसा ख्वाब है जिसकी बुनियाद बचपन में ही मस्तिष्क के किसी कोने में रख दी जाती है। हर कोई कभी न कभी अपनी शानदार शादी का सपना ज़रूर देखता है। ढेर सारे मेहमान, ढोल-नगाड़े, फिर शादी में दोस्तों-यारों का डांस न हो तो बात कहां बनती है। रिश्तेदारों, पड़ोसियों के बीच साख बचानी है, ऑफिस के क्लीग्स को बुलाना है तो भई  इतने भव्य समारोह, वेन्यू-मेन्यू, गहने व कपड़ों में कितना खर्च किया जाये? कहीं ये फिज़ूलखर्ची तो नहीं?

सितारों की वेडिंग

दीपिका और रणवीर शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। ये सेलेब्स इटली में सात फेरे लेंगे। इससे पहले विराट और अनुष्का भी इटली में फेरे ले चुके हैं। यहां शादी में कितने मेहमान हैं,यह ( important) नहीं , वेन्यू क्या है..ड्रीम वेडिंग किसे कहते हैं..यह देखने वाली बात है। दीपिका के ड्रैसेज़, रणवीर की शेरवानी से लेकर उनके हेयरस्टाइल के भी जमकर चर्चे होंगे। दोस्तों के लिये जो रिसेप्शन देंगे उस पर तो पूरा मीडिया टूट पड़ेगा। ऐसा हर बार होता है, जब भी किसी बड़ी शख्सियत की शादी होती है। किसी सिने एक्टर की शादी या सगाई जब होती है उस समय सोशल मीडिया उन सेलिब्रिटीज की कपड़े ,ज्वेलरी, पार्टी, शादी के कार्ड जैसी खबरों से भर जाता है। अब प्रियंका की शादी की खबरें आई तो तरह -तरह की तस्वीरें इंटरनेट पर छा गई। उनकी सगाई के चर्चे तो शादी तक खत्म नहीं होने वाले। अभी चर्चा है कि बॉलीवुड की इस खूबसूरत अदाकारा  ने इतना महंगा मंगलसूत्र खरीदा है कि  दाम सुन कर होश … उड़ जाएंगे आपके ! या अंबानी के बेटे आकाश की शादी के कार्ड की कीमत सवा लाख है……….’ किसी नेता के बेटे की शादी में उसे हेलीकॉप्टर भी मिला था …तो फिर दहेज की बात भी तो है न…!!?

अब यह सब देख सुनकर ही तो हमारे युवा भी ऑडियो व्हाट्सएप फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया पर इन खबरों को चाव से पढ़ कर वैसे ही सपने सजोने लगते हैं।

शादी में फिजूलखर्ची

शादी के मौके पर हर चीज़ खास होनी चाहिए। खर्चा चाहे जो भी हो…उसे परिवार और दुल्हा-दुल्हन मिलकर ही उठाते हों..तब भी कितने की चपत लग जाती है पता ही नहीं चलता। शादी के  छोटे से छोटे मौके से लेकर, खास मौके के लिए अलग-अलग पोशाकें , इन सबकी मैचिंग एक्सेसरीज, शूज, चूड़ियां और क्लचस वह भी काफी महंगे। तोहफे देने-लेने की परंपराएं अलग से… यही नहीं हनीमून के लिए हर दिन के हिसाब से अलग अलग रंग के पर्स, लिंगरिज़ चप्पल  और ड्रेसेस।

लड़के वाले और उनके रिश्तेदारों को देने के लिए सोने की चेन और सोने की अंगूठियां बाकी सब रिश्तेदारों के लिए चांदी के गिफ्ट, मंडप की डेकोरेशन ऐसे जैसे कोई अप्सराओं की शादी हो। पैसे की इतनी बरबादी ?  लेकिन अब ” शादी है, तो  खर्चा तो होगा ही”।

अपने भी खर्चे कम नहीं

ये तो हुई दूल्हा -दुल्हन की बात। अब ज़रा घर के बाकी लोगों के खर्च का हिसाब भी लगा लें। हर सदस्य के लिए डिजाइनर ड्रेस (designer dress)  महंगी से महंगी डिजाइनर ज्वेलरी ( designer jewellery)  और जूते या चप्पलें। यह सब उन घरों में भी होता है जहां महिलाएं सालों तक घर के खर्चे में पैसे-पैसे का हिसाब रखती हैं। लेकिन शादी है तो फिर खर्च तो करना है। इसी एक दिन के लिये तो पाई-पाई जोड़ी है। “शादी का मौका बार बार नहीं आता और फिर हम क्यों चिंता करें, जब खर्च करने वाला खर्च कर रहा है तो”?

अब यह तो वहन करने वाला ही बता सकता है कि खर्च जरूरत के मुताबिक है या उससे कुछ अधिक ? शादी में जो अतिरिक्त खर्चा होता है, कई बार माता पिता बच्चों की ख्वाहिश के खातिर चुपचाप  बोझ वहन करते हैं । जिसका खमियाजा बाद में भुगतना पड़ता है ।

फालतू खर्चों को रोकें

शादी के फालतू खर्चो पर रोक लगा कर तो देखें। शादी की पोशाक, मंडप की सजावट, खान-पान का मैन्यू, उपहार और दूसरी चीजों पर अगर बजट बना कर खर्च किया जाए तो काफी पैसे बच सकते हैं। मौका चाहे कोई सा भी हो खर्चों पर रोक लगाई जा सकती है। यह सिर्फ पूरे परिवार पर निर्भर करता है कि वह अपने फालतू खर्चों को कैसे  रोके ? इसके लिए सबसे जरूरी है आपस में बात करके फालतू खर्चों को कट शॉर्ट किया जाए।

आपस में सलाह मशवरा करके तय किया जाए कि किसको कितनी चीजें देनी है?  खाने-पीने पर कितना खर्च होना है?  अगर शादी में पैसे को सोच-समझ कर खर्च किया जाए, तो इन्हीं बचे हुए पैसों का इस्तेमाल बाद में कई उपयोगी चीजों पर किया जा सकता है। नई जिंदगी शुरू करने के लिए कई चीजों की जरूरत होती है, अगर आपको पैसा खर्च ही करना है, तो इन पर करें। फिजूलखर्ची से बचें।

आप दिखाएं समझदारी  

शादी ज़रूर धूमधाम से करें लेकिन इस बात का ख्याल रखें कि यह काम आप अपने लिये कर रहे हैं, समाज और देश के लिये कोई शादी नहीं करता। हमारे देश में जहां लाखों लोग आज भी भूखे पेट सोते हैं, वहां ऐसी शानो-शौकत या फिजूलखर्ची कितनी सही है ? भोजन की बर्बादी, करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा देना क्या पढ़े-लिखे युवाओं के मन को कचौटता नहीं? इसकी एक और वजह हमारे युवा इस तरह समझें कि सादगी से शादी और त्यौहार मनाए जाने लगेंगे तो न तो बेटियां बोझ बनेंगी, न ही बुजुर्ग। शायद माता-पता भी कर्ज के बोझ तले नहीं दबेंगे।

 

कमाई कम है या ज्यादा इसे मुद्दा न बनाएं। किसी बीमार, गरीब, ज़रूरतमंद और भूखे व्यक्ति की मदद के लिये हाथ बढ़ाना भी कम खुशी नहीं देता। कौन जाने कितनी आंखें आपकी तरफ उम्मीद से उठ रही होंगी। हो सके तो किसी होनहार और ज़रूरतमंद बच्चे को पढ़ाई में सहयोग करें। कोई प्रोफेशनल कोर्स करवाने में मदद करें।  यह मत भूलें कि दुआएं भी तो उन्हीं के दिलों से निकलती है, जो ज़रूरतमंद हैं, संपन्न तो कमियां और खामियां निकालने में वक्त गुज़ार लेते हैं। ये सोचने का काम युवा पीढ़ी का है। फिर चाहे वह लड़के हों या लड़िकयां। पहल आप करेंगे लेकिन आपके पीछे चलने वालों की कमी नहीं होगी। बस शुरूआत करने भर की देर है।

तो पहले आप…….?

well said—-

Weddings have become status symbol for people . Some people who are not even willing to spend such a huge amount are forced by “society”. No body wants to hear from their relatives – “Oh ! My room doesn’t has AC? Only one cameraman? You have Chinese also in dinner know? I’m gonna take a saaree (traditional Indian dress) this tym!! “

 

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