‘थियेटर ने सिखाया, टीवी ने परिपक्व बनाया’/ sakal gets chatty about vikram betaal

थियेटर अभिनेता मकरंद देशपांडे एंड टीवी के फैंटसी शो विक्रम बेताल की रहस्य गाथा में महत्वपूर्पण भूमिका निभा रहे हैं। इन दिनों टीवी पर बच्चों को यह शो खासा पसंद आ रहा है। इस शो को लेकर मकरंद देशपांडे से इंडियामूडज़ (INDIAMOODS)  ने बात की।

आपको लगता है कि आज की युवा पीढ़ी विक्रम बेताल की कहानियों से जुड़ जाएगी, क्योंकि ये कहानियां काफी पुरानी हैं?

भारतीय दर्शकों ने हमेशा फंतासी कहानियों में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। विक्रम और बेताल  की कहानियां हम में से अधिकांश के लिए बचपन में पसंदीदा रही हैं, और कहानियां इतनी चतुराई से बताई गईं कि यह हर किसी के साथ जुड़ गईं। इन कहानियों को लेकर एंड टीवी का नया संस्करण निश्चित रूप से दर्शकों के साथ जुड़ाव बना पाएगा क्योंकि इसका परिप्रेक्ष्य युवा पीढ़ी की मानसिकता से मेल खाता है, जो इस तरह के कंटेंट को पसंद करता है। इसके अलावा, इसे बेहद भव्य तरीके से प्रदर्शित किया गया है, जो इसे देखने के लिये और अधिक दिलचस्प बनायेगा।

 एक स्थापित भूमिका को निभाने में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है?

एक स्थापित चरित्र का किरदार निभाने, खासतौर पर बेताल जैसे एक महान किरदार को निभाने की चुनौतियां यह हैं कि दर्शकों और प्रशंसकों के पास उनके दिमाग में उस कैरेक्टर की एक तस्वीर पहले से ही बनी हुई है। इसलिए, मेरे परफॉर्मेंस को न केवल उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा, बल्कि अपेक्षाओं से आगे जाना होगा ताकि मैं उन पर स्थायी प्रभाव डाल सकूं। बेताल की क्षमता, ताकत और अनोखी कहानी के जरिये, मुझे उम्मीद है कि मैं इस किरदार के साथ न्याय करूंगा और दर्शकों के दिमाग में अपनी एक अलग छवि बना पाउंगा।

 इतने लंबे समय तक टेलीविजन से दूर रहने की वजह?

पिछले कुछ सालों से मैं अपने थियेटर के काम में पूरी तरह से डूबा हुआ हूं, जिसमें कई नाटक शामिल हैं जिन्हें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। थियेटर  हमेशा मेरे लिए दूसरे घर की तरह रहा है। हालांकि, मुझे इस दौरान टेलीविज़न शो के लिए पर्याप्त ऑफ़र मिलते थे, लेकिन वास्तव में इनमें से किसी में मेरी दिलचस्पी नहीं थी। साथ ही, एक टेलीविजन शो करने का मतलब है कि कई महीनों या वर्षों के लिए आपके दिन का अधिकतम समय इस काम के लिए देना, जिससे मुझे फिर से सोचना पड़ा। इसलिए, मैं जिस तरह का शो करना चाहता था, उसे लेकर काफी सतर्क था। विक्रम बेताल की रहस्य गाथा ने तुरंत मेरा ध्यान खींचा और इस ऑफर को ठुकराना कठिन था, क्योंकि मैं बचपन से ही इन कहानियों का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं। वास्तव में टेलीविजन पर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है और मुझे उम्मीद है कि दर्शक भी मुझे एक और दिलचस्प किरदार को निभाते हुए देखने के लिए उत्साहित होंगे।

विक्रम बेताल के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?

किसी भी शो में खलनायक की मौजूदगी कहानी में ड्रामा और मसाला लेकर आती है। विक्रम बेताल की पौराणिक कल्पनाओं के साथ, हमने हमेशा कहानियों में भद्रकाल के बारे में सुना है, ऐसे में स्क्रीन पर उनके किरदार को जिंदा रखना काफी रोचक लगेगा। भद्रकाल एक दमदार किरदार है और यह निश्चित रूप से शो के उत्साह को और बढ़ाएगा।  दर्शकों ने भद्रकाल किरदार को कभी भी इतने महत्वपूर्ण रूप में नहीं देखा है। एक आकर्षक लुक के लिए, कलाकारों, प्रॉडक्शन टीम, क्रिएटिव टीम, पोस्ट प्रोडक्शन और सीजी टीम का यह एक संयुक्त प्रयास है जो एक आकर्षक परिणाम पेश करता है।

 किसी बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं?

हां, मैंने राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म में एक रोमांचक भूमिका निभाई है और मैंने अपने पसंदीदा निर्देशक राम गोपाल वर्मा के साथ एक प्रोजेक्ट पर भी काम किया है। इस बीच, कुछ मराठी, तमिल, तेलुगू, मलयालम फिल्में भी करने की योजना है। तो हाँ, इस समय भगवान की कृपा से मेरी झोली भरी हई है।

टेलीविजन पर काम करना थियेटर से किस तरह अलग है?

दोनों अपनी-अपनी तरह से चुनौतीपूर्ण हैं। टेलीविज़न में एक डायलॉग के दौरान फेशियल एक्सप्रेशन्स पर अत्यधिक ध्यान देना पड़ता है और थियेटर  की तुलना में यह काफी अलग है। थियेटर में एक लंबा शॉट होता है और टेलीविजन क्लोज-अप को कैप्चर करता है। ये केवल छोटी बारीकियां हैं। इसके साथ ही एक्टिंग के मामले में भी बहुत कुछ है जो अलग-अलग और डायलॉग डिलीवरी की स्टाइल भी अलग होती है। थियेटर में, रियल टाइम में परफॉर्मेंस होता है। स्टेज एक्टर अपने कैरेक्टर्स की पर्सनालिटीज और लय का अभ्यास करने और उसे विकसित करने में कई घंटे बिताते हैं। इसके साथ ही अपनी लाइनों को याद रखने में भी उन्हें भी घंटों तक प्रैक्टिस करनी पड़ती है, ताकि वे शो के सीक्वेंस के अनुसार परफॉर्मेंस दे सकें। फिल्म में, परफॉर्मेंस रियल टाइम में नहीं होते हैं। अगर किसी एक्टर की कोई लाइन या टेक सहीं नहीं होता है, तो स्क्रिप्ट को रेफर करना और अगले टेक पर गलती को ठीक करना आसान होता है।

थियेटर में आपकी भविष्य की योजनाएं क्या हैं?

मेरे लिए थियेटर जीवन का एक तरीका है और 50 ओरिजिनल प्ले इसके सबसे अच्छे प्रतीक हैं। यह प्रक्रिया जारी रहेगी और मैं आने वाले कई वर्षों के लिए अपना एक स्क्रिप्ट बैंक बनाने की योजना बना रहा हूं। मैं थियेटर में काम करता रहूंगा और उन सभी चीजों के साथ अपने समय का तालमेल बिठाउंगा, जिन पर मैं साथ—साथ काम कर रहा हूं।

 

 

 

 

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