सीरियस फ्रॉड में पूर्व संसदीय सचिव के बेटे का नाम, करोड़ों का घोटाला

0
17
Fraud_social
Fraud_social
  • -कोर्ट ने 10 लोगों के नाम जारी किये गैर जमानती वारंट

सीरियस फ्रॉड में हरियाणा के पूर्व संसदीय सचिव के बेटे का नाम सामने आया है। सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) द्वारा जांच के बाद अभी तक 50 से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है। मामले में गुरुग्राम के सेशन जज आरके सौंधी की कोर्ट ने 10 हजार करोड. के अवैध लेन-देन के मामले में 10 से अधिक लोगों के गैर जमानती वारंट जारी किये हैं। फर्जी लेन-देन के आरोपियों में पूर्व सीपीएस राव दान सिंह के बेटे अक्षत राव का नाम भी शामिल हैं।

सीरियस फ्रॉड में मुख्य सूत्रधार राजस्थान का मुकेश मोदी

कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले एसएफआईओ द्वारा अदालत में दायर आपराधिक शिकायत के अनुसार घोटाले का मुख्य सूत्रधार राजस्थान का मुकेश मोदी है जिसने 1999 में आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी बनाकर कार्य शुरू किया। बाद में यह सोसायटी घोटालों व फर्जीवाड़े का अड्डा बन गई। बताया जाता है कि वर्ष 2008 में इसे कृषि मंत्रालय के तहत मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसायटी के तौर पर रजिस्टर्ड करवा लिया। इस सोसायटी के फिलहाल देश के कई राज्यों में करीब 20 लाख सदस्य व 3 लाख 70 हजार सलाहकार और सोसायटी की 800 से अधिक ब्रांच देशभर में खुली हुई हैं।http://www.indiamoods.com/violations-in-inx-media-deal-not-brought-to-notice-of-fipb-d-subbarao-told-ed-then-what-is-this/

बेनामी कंपनियां बनाई

SFIO
SFIO

सोसायटी के पास करीब 10 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि है। आरोप है कि सोसायटी एक्ट 2002 के खिलाफ इसके तहत बेनामी कंपनियां बनाई गई और इन कंपनियों को विभिन्न कार्यों के लिए फंड ट्रांसफर किए गए। बड़ी संख्या में ये कंपनियां गुरुग्राम के पतों पर रजिस्टर्ड हैं। हैरानी की बात यह है कि एक ही पते पर 60-65 से अधिक कंपनियां रजिस्टर्ड हैं।

सीरियस फ्रॉड में यह हुई अब तक की जांच

जांच पड़ताल में यह भी सामने आया कि ज्यादातर कंपनियां मुकेश मोदी, उसके परिजनों, सगे संबंधियों व करीबियों द्वारा संचालित की जा रही हैं। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह के बेटे अक्षत राव को एसएफआईओ ने जांच के तीसरे चरण में रखा है।

बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला

इस मामले में एसएफआईओ के सीनियर एडवोकेट लोकेंद्र यादव का कहना है कि यह बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला है। इस मामले में 30 अगस्त को 13 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, 13 की जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है और 10 के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए गए हैं। आरोपियों में अक्षत राव भी एक हैं।’