चंडीगढ़ किडनी ट्रांसप्लांट स्कैम में FIR दर्ज, PGI से डॉक्यूमेंट कब्ज़े में

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Urology,-Andrology-&-Transplant-Surgery
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चंडीगढ़ किडनी ट्रांसप्लांट स्कैम मामले में पुलिस ने 420 यानी धोखाधड़ी और ऑर्गन एक्ट के तहत एफआईआर रजिस्टर कर दी है। चूंकी महिला खुड्डा जस्सू में रहती थी, इसलिए यह मामला सारंगपुर थाने में दर्ज किया गया है।

फ्लाइट में महिला के साथ आने वाली दूसरी महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और  पुलिस उसकी भूमिका की जांच में जुटी हुई थी। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस पीजीआई पहुंची। पीजीआई में संबंधित जगहों पर जाकर जांच की। यहां से पुलिस ने संबंधित विभाग से कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।  तीन लड़के जिन्होंने एयरपोर्ट से महिला को पिक किया था और जिसे किडनी ट्रांसप्लांट की जानी थी, पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है। वे अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

चंडीगढ़ किडनी ट्रांसप्लांट स्कैम में ट्रांसलेटर की मदद से पूछताछ

पुलिस ने मामले में दो दिन तक जांच की। एक ट्रांसलेटर की मदद ली गई और फिर महिला से सभी बातें पूछी गई। हैरानी की बात यह है कि सारंगपुर थाना पुलिस ने इस मामले में पहले कार्रवाई नहीं की थी। इस वजह से आरोपियों को फरार होने का मौका मिल गया। वहीं, जब पीड़ित महिला उच्च अधिकारियों से मिली तो उसके बाद सारंगपुर थाना में ही केस दर्ज किया गया।

Doctors symbolic image
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मणिपुर से चंडीगढ़ फ्लाइट से साथ आने वाली महिला और पीड़ित महिला को आमने सामने बिठाकर पुलिस ने पूछताछ की। इसमें साथ लेकर आने वाली महिला ने भी कुछ आरोप लगाए हैं, हालांकि इसके बारे में किसी पुलिस ऑफिशियल द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। http://www.indiamoods.com/recruitment-scam-in-crpf-were-not-found-were-going-to-get-thumb-impression/

चंडीगढ़ किडनी ट्रांसप्लांट स्कैम मृत मां के नाम का भी दिया एफिडेविट 

मणिपुर की पीड़ित महिला के पास से पुलिस को चार एफिडेविट मिले थे। इसे 2 जुलाई 2019 को तैयार किया गया है। एक एफिडेविट महिला की तरफ से, एक पिता की तरफ से, एक सहेली की तरफ से था। इसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। चौथा एफिडेविट मां की तरफ से था। हैरानी की बात तो यह है कि उसकी मां की मौत हो चुकी है, इसके बाद भी उसका एफिडेविट बनवा लिया गया।

इनकी रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले में हेल्पलाइन 181 ने लड़की को बरामद करने के लिए मशक्कत की। इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर की अहम भूमिका रही। इन्होंने ही मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी यूटी के सामने महिला को पेश किया था।

चंडीगढ़ किडनी ट्रांसप्लांट स्कैम-10 से 20 लाख में होता था सौदा

किडनी स्कैम का पूरा रैकेट मणिपुर से ही चल रहा था। न सिर्फ डोनर बल्कि पेशेंट तक को तलाशा जाता था। पुलिस को पूछताछ में गिरफ्तार की गई महिला ईबोम ने तीनों किंगपिन के नामों के खुलासे कर दिए हैं। इनमें टिथोम्बा किंगपिन है, जबकि सुरजीत और गुरूंग भी शामिल है। तीनों मणिपुर के रहने वाले हैं, लेकिन इनमें से सुरजीत और गुरूंग चंडीगढ़ में ही काफी समय से रह रहे हैं। टिथोम्बा सारी डील करता था और आगे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की पूरी जिम्मेदारी बाकी दोनों पर होती थी।

ये ही पति-पत्नी के कागजात तैयार कर किडनी ट्रांसप्लांट करवाते थे। इसके लिए 10 से 20 लाख रुपए में सौदा करते थे। आरोपी मणिपुर से गरीब लोगों को किडनी डोनेट के लिए तैयार कर पीजीआई लाते थे।