बीएसपी पर बिफरे दुष्यंत, गठजोड़ टूटने के बाद पूछा- क्यों हटे पीछे ?

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  • सतीश मिश्रा बताएं सीट बंटवारे से पीछे क्यों हटी बसपा

बीएसपी पर बिफरे दुष्यंत। जजपा नेता दुष्यंत चौटाला ने गठबंधन टूटने पर बसपा पर हमला किया। पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने बसपा नेतृत्व पर सवाल उठाये। उन्होंने बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा से सवाल किया कि जब जजपा और बसपा में सीटों का बंटवारा हो गया था तो बसपा पीछे क्यों हटी। सतीश मिश्रा इसका जवाब दें।

दुष्यंत ने कहा कि चौ़ देवीलाल के सम्मान दिवस के मौके पर होने वाली रैली से पहले पार्टी ज्यादातर हलकों में उम्मीदवार घोषित कर देगी। पार्टी सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उम्मीदवारों की पहली सूची 12 सितंबर को जारी की जाएगी। बता दें कि इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने 25 सितंबर को देवीलाल जयंती के मौके पर कैथल में रैली करने का ऐलान किया हुआ है। सोमवार को पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ़ केसी बांगड़, प्रदेश कार्यालय सचिव रणधीर सिंह, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, सुरजीत सौंडा, भाग सिंह दमदमा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। http://www.indiamoods.com/elephant-lost-mayawati-breaks-alliance-with-jjp-in-haryana/

बीएसपी पर बिफरे दुष्यंत बोले-22 को करेंगे विशाल रैली

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दुष्यंत ने कहा कि पार्टी द्वारा 25 सितंबर को महम में चौधरी देवीलाल के जन्मदिवस के मौके पर होने वाली प्रदेश स्तरीय रैली अब 22 सितंबर को रोहतक के पशु मेला ग्राउंड में होगी। बता दें कि इसी ग्राउंड में रविवार को भाजपा ने विजय संकल्प रैली की है और 18 अगस्त को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इसी ग्राउंड में शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। पहले आप और अब बसपा से गठबंधन टूटने के बाद जजपा भी जाटलैंड में ही अपनी ताकत दिखाएगी।

बीएसपी पर बिफरे दुष्यंत ने कहा- नौकरियों के दावे खोखले

एक सवाल के जवाब में दुष्यंत ने कहा कि महम में अधिकांश जगहों पर धान की फसल है, रैली के लिए 50 एकड़ का खाली ग्राउंड नहीं मिला। इसलिए रोहतक में रैली करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार पर आरोप जड़ते हुए उन्होंने कहा कि नौकरियों में पारदर्शिता और ईमानदारी के दावे खोखले हैं। दुष्यंत ने कहा, एक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गुरुग्राम नगर निगम में लगभग 1500 नौकरियां सिफारिश पर दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस भर्ती में बिना इंटरव्यू के चार-पांच मंत्रियों, विधायकों, सांसद व अधिकारियों ने नौकरी के आवेदन फार्म पर रेफरेंस का कॉलम बनाकर चहेतों को एडजस्ट कराया।