Icc WC 2019: अंपायरिंग की गलती से आउट हुए धोनी और कोहली!

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KohliDhoniKR
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Icc WC 2019: क्रिकेट समेत हर खेल में अब अंपायरिंग के लिए अत्याधुनिक तकनीक भी उपलब्ध हैं. फिर भी बड़ी गलतियां ज्यादा होने लगी हैं. ब्रिटेन में आयोजित विश्वकप के दौरान महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, जैसन रॉय जैसे शानदार खिलाड़ियों को आउट देने पर सवालिया निशान लगे हैं. रॉय को गलत आउट देने वाले अंपायर कुमार धर्मसेना को फाइनल मैच में अंपायरिंग देने का भी विरोध हुआ.

अंपायरिंग रहा है बड़ा मसला

क्रिकेट को जेंटलमैन गेम माना जाता है, लेकिन यह खेल प्रारंभ से ही अक्सर विवादों में रहा. कई बार अंपायर के एक फैसले से मैचों के परिणाम बदल जाते हैं. अंपायरों द्वारा कई बार आश्चर्यजनक, तो कई बार विवादित फैसले दिये गये, जो सुर्खियां बने. हालांकि, अंपायर डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) जैसे नियमों के लागू होने के बाद गलत फैसलों की संख्या में काफी कमी आयी है.

विवादों में रहे ये अंपायर 

शकूर राणा

shakoor rana

पूर्व पाकिस्तानी अंपायर शकूर राणा वर्ष 1987 में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गये टेस्ट मैच के दौरान विवादित फैसले को लेकर चर्चा में रहे. मैच के दौरान इंग्लैंड के कप्तान माइक गैटिंग से तीखी नोकझोंक हुई थी. इससे पहले 1984 में जावेद मियांदाद के पक्ष में गलत फैसला देने पर शकूर राणा और न्यूजीलैंड के कप्तान जेरेमी कोनी के बीच बहस हुई थी.

डैरेल हेयर

Darrell Hair
Australian cricket umpire Darrell Hair

कई विवादित फैसले खासकर, एशियाई देशों के खिलाफ निर्णय देने के लिए डैरेल हेयर विवादों में रहे. ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच खेले गये टेस्ट मैच में मुथैया मुरलीधरन के तीन ओवरों में सात नोबॉल देने से मामला तूल पकड़ गया.  इसके बाद श्रीलंकाई कप्तान अर्जुन रणतुंगा खिलाड़ियों के साथ मैदान से बाहर चले गये. साल 2006 में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गये मैच में खराब अंपायरिंग को लेकर एक बार फिर हेयर चर्चा में रहे. पाकिस्तान ने मैच का बायकॉट कर दिया, इसके बाद इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया गया. वर्ष 1877 में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत के बाद से यह पहली घटना थी.

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असद रउफ

asad rauf

साल 2013 से पहले तक पाकिस्तानी अंपायर असद रउफ का करियर निर्विवाद रहा. दिल्ली की एक मॉडल द्वारा यौन शोषण के आरोप के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर खतरे में पड़ गया. साल 2013 के आखिर में मुंबई पुलिस द्वारा धोखेबाजी, सट्टेबाजी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया. उन पर आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग का भी आरोप लगा.

अंपायरिंग की गलती से आउट हुए धोनी और कोहली!

विश्वकप में भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले गये सेमीफाइनल मैच धोनी का रनआउट होना मुकाबले का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ. इस अहम मुकाबले को हारने के साथ ही भारत का विश्वकप का सपना चूर हो गया. जब धोनी रनआउट हुए, तो भारत न्यूजीलैंड द्वारा दिये 240 रनों के लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुका था.

Icc WC 2019

हालांकि, मैच की शुरुआत में शीर्ष बल्लेबाजी क्रम के फेल होने के बाद धोनी और जडेजा की शतकीय साझेदारी ने जीत की उम्मीदें जगा दी थी. जिस प्रकार से विराट कोहली को एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया गया, उस पर भी सवाल हैं, क्योंकि ठीक उसी स्थिति में दूसरे सेमीफाइनल में स्टीव स्मिथ को नॉट आउट दिया गया. मार्टिन गप्टिल के थ्रो से धोनी का रनआउट होना निराशाजनक था, हालांकि क्षेत्ररक्षण पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं.

Icc WC 2019: गेंद की वैधता पर शुरू हुई बहस

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मैच के बाद गेंद की वैधता पर सवाल करनेवाला एक वीडियो टि्वटर पर ट्रेंड करने लगा. इसके बाद यह बहस तेज हो गयी कि अगर गेंद नोबॉल करार दी जाती, तो मैच का परिणाम बदल सकता था. 

क्या कहता है नियम : तीसरे पावरप्ले के लागू होने पर 30 गज के दायरे के बाहर केवल पांच खिलाड़ी ही रह सकते हैं. लेकिन, मैच के बाद जारी किये गये ग्राफिक्स से स्पष्ट है कि जब बॉल फेंकी गयी, उस समय 30 गज के बाहर न्यूजीलैंड के छह खिलाड़ी थे. अगर यह नोबॉल होती, तो भी धोनी आउट करार दिये जाते (बल्लेबाज नोबॉल पर भी रनआउट हो सकते हैं). http://Icc world cup 2019: विराट और कोच शास्त्री की ही चलती है टीम में!

Icc WC 2019: भड़का लोगों का गुस्सा

वीडियो पर अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आयी, कई लोगों ने सीधे तौर पर अंपायरिंग पर सवाल खड़ा कर दिया. अगर अंपायर नोबॉल करार देते, तो शायद धोनी दूसरे रन के लिए नहीं भागते. नियम से अधिक क्षेत्ररक्षक बाहर रहने पर अंपायर द्वारा नजरअंदाज करना भारत के लिए भारी पड़ा. 

दूसरे सेमीफाइनल में भी अंपायरिंग पर सवाल

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ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गये दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अंपायर कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड के ओपनर जेसन रॉय के ‘कॉट बिहाइंड’ पर गलत फैसला दिया. पारी के 20वें ओवर में पैट कमिंस की गेंद को रॉय ने पुल्ड करने की कोशिश की, जो उन्हें बीट करती हुई एलेक्स कैरी के दस्तानों में चली गयी. ऑस्ट्रेलियाई अपील पर अंपायर धर्मसेना ने हिचकते हुए आउट करार दे दिया. इस फैसले पर रॉय हैरत जताते हुए काफी देर तक मैदान पर खड़े रहे, इंग्लैंड के पास रिव्यू बचा नहीं था, लिहाजा अंपायर का फैसला स्वीकार करना ही था, हालांकि रॉय स्पष्ट रूप से नॉटआउट थे.

अंपायर के फैसले पर नहीं जता सकते विरोध

अल्ट्राएज की फ्लैटलाइन से स्पष्ट है कि रॉय नॉटआउट थे, लेकिन उस समय 85 के स्कोर पर खेल रहे रॉय के पास रिव्यू लेने का विकल्प खत्म हो चुका था. रॉय मैदान में काफी देर तक खड़े रहे और रेफर करने व फैसला बदलने का इंतजार करते रहे, लेकिन दूसरे छोर के अंपायर इरेस्मस ने कहा कि उन्हें जाना ही होगा. अंपायर के फैसले की खिलाफत करना इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आइसीसी) के नियमानुसार दंडनीय है. इस मामले में मैच रेफरी रंजन मधुगले आगे कार्रवाई का फैसला कर सकते हैं.

मार्क बेंसन

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वर्ष 2007 और 2008 में लगातार दो वर्षों तक ‘अंपायर ऑफ द ईयर’ बेंसन 2008 में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में गलत फैसलों के लिए चर्चा में रहे. रिकी पॉन्टिंग के आउट होने के बावजूद नॉट आउट देना और फिर एक के बाद एक उनके खराब फैसले विवाद बढ़ाते रहे. साल 2009 में उन्होंने यूडीआरएस की खिलाफत भी की थी.

स्टीव बकनर

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वेस्टइंडीज के स्टीव बकनर अपने अंपायरिंग स्किल को लेकर सबसे ज्यादा विवादित रहे हैं. महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर कई बार उनके गलत फैसले का शिकार रहे. साल 1992 से ही विवादों में रहे बकनर को 2008 में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में कई विवादित फैसले देने के बाद निलंबित कर दिया गया. राहुल द्रविड़ का मजाक उड़ाने पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना भी भरना पड़ा था.

Courtesy-Prabhat Khabar