श्रीनगर में भीड़ इकट्ठा होने पर प्रतिबंध, पुलिस ने दुकानें बंद करने को कहा

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श्रीनगर में भीड़ इकट्ठा होने पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य है. घाटी से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से ज्यादातर इलाके में धारा 144 लागू है. शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले घाटी और पूरे कश्मीर में धारा 144 में ढील दी गई थी, लेकिन एक बार फिर श्रीनगर में फिर से एक जगह भीड़ इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है. सूत्रों ने बताया कि पुलिस इलाके के लोगों को घर में रहने की हिदायत दे रही है. जो दुकानें खुली हैं उन दुकानदारों से भी पुलिसवाले दुकान बंद करने की अपील कर रहे हैं.

बता दें कि जम्मू कश्मीर में स्थिति शांतिपूर्ण है और राज्य में कहीं से कोई हिंसा नहीं हुई है. दूसरी ओर विदेशी मीडिया में कुछ तस्वीरें कश्मीर प्रदर्शन की प्रसारित हो रही हैं।

श्रीनगर में भीड़ इकट्ठा होने पर फिर रोक

kashmir protest
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राज्य के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा, ‘मामूली पथराव के बाद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है. पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा, ‘पथराव की मामूली घटना को छोड़कर किसी तरह की अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है, जिससे तत्काल निपट लिया गया था और वहीं रोक दिया गया था.’ वहीं राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी ने लोगों से मनगढंत खबरों पर यकीन नहीं करने को कहा है. डीजीपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान के बाद राज्य की स्थिति के संबंध में यह स्पष्टीकरण दिया. राहुल गांधी ने कहा था कि स्थिति बहुत खराब है. http://www.indiamoods.com/article-370-abolished-know-what-is-going-to-change-in-kashmir/

राहुल गांधी के बयान के कुछ ही मिनट बाद श्रीनगर पुलिस ने ट्वीट किया कि स्थिति शांतिपूर्ण है. ट्वीट में कहा गया, ‘घाटी में स्थिति आज सामान्य थी.

श्रीनगर में भीड़ इकट्ठा नहीं होगी, लोगों से शांति की अपील

वहीं, दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजीपी एसपी पानी ने एक वीडियो बयान जारी करके बताया कि घाटी में पिछले 7 दिनों से कोई ऐसी घटना नहीं हुई है और वो अंतर्राष्ट्रीय मीडिया से अपील करते हैं कि जिम्मेदारी से खबरों को दिखाएं. पुलिस ने जम्मू कश्मीर में हिंसा की खबरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट्स को बेबुनियाद बताया. 

घाटी में एक समस्या फोन को लेकर भी है. लोग दूर-दूर से फोन करने बूथ तक पहुंच रहे हैं लेकिन उनका नंबर नहीं आ पा रहा है. एक फोन करने के लिए लोगों को तीन-तीन दिन का इंतज़ार करना पड़ रहा है.